मर्डर के अपराध में 14 साल जेल, रिहाई के बाद पढ़ाई कर बन गया डॉक्टर

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आपने बहुत से लोगों की सफलता की कहानी सुनी होगी. क्या आपने सुना है कि कोई मर्डर के अपराध में 14 साल जेल में रहा और फिर वापस आने के बाद डॉक्टर बन गया हो. साल 2002 में एक मेडिकल छात्र ने अपनी प्रेमिका के पति की हत्या कर दी थी. इसके जुर्म में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई.

हालांकि 14 साल बाद साल 2016 में उसे जेल से  अच्छे आचरण की वजह से रिहा कर दिया गया था. जेल से वापस आने के बाद एक बार फिर उसने अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की. न सिर्फ उसने पढ़ाई शुरू की बल्कि 4 साल बाद 2020 को वह डॉक्टर भी बन गया. उेसे एक दीक्षांत समारोह में डॉक्टर की डिग्री मिली तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

यह कहानी भले ही आपको फिल्मी लगेगी, लेकिन यह सच है. बेंगलुरु से 475 किलोमीटर दूर अफजलपुर तालुक के भसगी गांव के डॉ सुभाष तुकाराम पाटिल 14 साल तक जेल में रहे थे. डिग्री मिलने के बाद उन्होंने बताया था, “जब मैं कालाबुरागी में हैदराबाद एजुकेशन सोसाइटी के महादेवप्पा रामपुर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस का कोर्स कर रहा था तब मुझे जेल हुई थी.”

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उन्होंने बताया था कि जब वह जेल में थे तो उन्होंने ओपीडी में काम किया था. इस महीने की शुरुआत में उन्होंने एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी की. वह 15 अगस्त 2016 को जेल से रिहा हुए थे. जेल से निकलने के बाद जब उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने की इच्छा जताई तो इसके लिए उन्होंने राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय से विशेष अनुमति लेनी पड़ी.

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इसके बाद उन्होंने साल 2016 में अपने पुराने कॉलेज को ज्वाइन किया और अपने पहले ही प्रयास में सभी सब्जेक्ट को पास किया. इसके बाद वह एमआरएमसी से जुड़े बसवेश्वर अस्पताल में 2019 से अपनी ट्रेनिग कर रहे थे. उन्होंने कहा था, ‘मैं विशेष रूप से कैदियों और सैनिकों के रिश्तेदारों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं. मैंने बहुत समय जेल की लाइब्रेरी में बिताया और पढ़ाई में कभी दिलचस्पी नहीं खोई.’

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