भीमताल ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में दर्दनाक हादसा: छत की सफाई के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आया कर्मचारी, मौत; लापरवाही का आरोप

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नैनीताल/भीमताल: भीमताल स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी परिसर से एक बेहद दर्दनाक और संवेगात्मक हादसा सामने आया है। यहाँ विश्वविद्यालय की छत पर सफाई कार्य करने के दौरान एक संविदा कर्मचारी पास से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन की विधिक चपेट में आ गया। जोरदार करंट की चपेट में आने से कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गया, जिसकी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। मृतक की पहचान तेज सिंह बोरा (निवासी ओखलकांडा) के रूप में हुई है। घटना के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर विधिक आरोप लगाते हुए जमकर आक्रोश व्यक्त किया है।

बिना सुरक्षा उपकरणों के गीली छत पर भेजा; करंट लगने से रास्ते में तोड़ा दम

मामले की प्राथमिक विधिक रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह दुखद हादसा शनिवार सुबह के समय घटित हुआ।

  • सफाई के दौरान हादसा: ओखलकांडा निवासी कर्मचारी तेज सिंह बोरा को सुबह यूनिवर्सिटी प्रबंधन द्वारा परिसर की एक इमारत की गीली छत पर सफाई कार्य के लिए भेजा गया था।

  • सुरक्षा उपकरणों का अभाव: परिजनों का विधिक आरोप है कि छत पूरी तरह गीली थी और कर्मचारी को ग्लव्स, रबर बूट्स या अन्य कोई भी आवश्यक जीवन रक्षक सुरक्षा उपकरण (PPE Kit) उपलब्ध नहीं कराए गए थे।

  • हाईटेंशन लाइन का झटका: सफाई करते समय अचानक तेज सिंह का शरीर छत के ठीक पास से गुजर रही अत्यधिक क्षमता वाली हाईटेंशन बिजली की तारों से छू गया। करंट लगते ही वह बुरी तरह झुलस कर अचेत हो गए। परिसर में मौजूद अन्य कर्मियों ने आनन-फानन में उन्हें भीमताल के नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों के विधिक परीक्षण से पहले ही रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।

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परिजनों का फूटा गुस्सा; निष्पक्ष जांच और उचित मुआवजे की मांग

होनहार कर्मचारी की असमय मौत की खबर मिलते ही ओखलकांडा और भीमताल क्षेत्र के स्थानीय लोग व परिजन भारी संख्या में एकत्र हो गए। यूनिवर्सिटी परिसर और अस्पताल में परिजनों का आक्रोश साफ देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह महज एक सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की विधिक घोर लापरवाही का नतीजा है।

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पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष विधिक जांच कराई जाए, सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल हत्या का विधिक मुकदमा दर्ज हो और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा व आश्रित को नौकरी प्रदान की जाए।

भीमताल अस्पताल से मिला मेमो; साक्ष्य जुटाकर जांच में जुटी पुलिस

हादसे के बाद पुलिस और प्रशासनिक तंत्र भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मामले की विधिक प्रगति और पुलिसिया कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए भीमताल के पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) रविकांत सेमवाल ने बताया:

“भीमताल स्थानीय अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस दुर्घटना के संबंध में एक आधिकारिक विधिक मेमो पुलिस को प्रेषित किया गया था। मेमो प्राप्त होते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल का विधिक निरीक्षण कर आवश्यक भौतिक साक्ष्य और सबूत एकत्रित कर लिए हैं।”

रविकांत सेमवाल, सीओ, भीमताल

सीओ ने आगे बताया कि पुलिस और संबंधित विद्युत विभाग की टीमें संयुक्त रूप से तकनीकी और वैधानिक पहलुओं की जांच कर रही हैं। यह विधिक रूप से परखा जा रहा है कि क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं। शव का विधिक पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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