कालाढूंगी में टला बड़ा हादसा: नैनीताल से लौट रहे हरियाणा के स्कूली बच्चों का टेंपो ट्रैवलर पलटा; चालक व शिक्षकों समेत 6 घायल, खाई में गिरने से बची जान
कालाढूंगी: नैनीताल की खूबसूरत वादियों का दीदार कर वापस हरियाणा लौट रहे स्कूली बच्चों और शिक्षकों के लिए गुरुवार की रात काल बनकर आई। नगर से करीब पांच किलोमीटर पहले शिव मंदिर के समीप 20 सवारियों से भरा एक टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर ही पलट गया। इस विधिक हादसे में वाहन चालक, दो शिक्षिकाओं और तीन छात्राओं को चोटें आई हैं। गनीमत यह रही कि तकनीकी सूझबूझ और स्टीयरिंग लॉक होने के कारण वाहन गहरी खाई में गिरने से बच गया, जिससे एक बहुत बड़ा और भयावह हादसा होने से टल गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर 108 आपातकालीन सेवा के माध्यम से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
हैंड ब्रेक खींचते ही ढलान पर दौड़ा वाहन; चीख-पुकार के बीच रेस्क्यू
स्थानीय पुलिस और अस्पताल प्रशासन से प्राप्त विधिक जानकारी के अनुसार, हरियाणा के फरीदाबाद स्थित एक स्कूल के बच्चों और शिक्षकों का दल मंगलवार को नैनीताल घूमने आया था। गुरुवार रात करीब डेढ़ बजे जब सभी वापस लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना घटी।
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पीछे आ रहे साथियों ने निकाला बाहर: शिव मंदिर के पास जैसे ही वाहन पलटा, अंदर बैठे बच्चों और स्टाफ में चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि उनके दल के अन्य साथी भी पीछे दूसरे वाहनों से आ रहे थे, जिन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला।
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक (SI) जयवीर सिंह पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को एम्बुलेंस से कालाढूंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भिजवाया।
चालक समेत ये लोग हुए घायल; प्राथमिक उपचार के बाद मिली छुट्टी
टेंपो ट्रैवलर में चालक को मिलाकर कुल 20 लोग सवार थे। इस विधिक हादसे में घायल होने वालों की सूची इस प्रकार है:
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चालक: मुकेश पंडित (इन्हें गंभीर चोटें आई हैं)।
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शिक्षिकाएं: प्रतिष्ठा और प्रिया भारती।
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छात्राएं: मानया, ऐश्वर्या और गीत महलोत्रा (इन सभी को हल्की चोटें और खरोंचें आई हैं)।
कालाढूंगी सीएचसी के डॉक्टरों ने सभी घायलों का गहन विधिक परीक्षण कर उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार दिया। राहत की बात यह रही कि किसी भी बच्चे या शिक्षक की जान को खतरा नहीं था, जिसके बाद डॉक्टरों ने सभी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। इसके बाद स्कूल प्रबंधन द्वारा बुक किए गए दूसरे वैकल्पिक वाहन से सभी सुरक्षित अपने घर फरीदाबाद के लिए रवाना हो गए।
स्टीयरिंग लॉक होने से बची मासूमों की जान; नहीं तो खाई में समा जाता वाहन
घायल चालक मुकेश पंडित ने दुर्घटना के विधिक कारणों का खुलासा करते हुए बताया कि पहाड़ी रास्ते से उतरते समय अचानक वाहन के पिछले टायरों से भारी धुआं निकलने लगा था। सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने तुरंत वाहन को सड़क किनारे रोक दिया और टायरों के नीचे सुरक्षा के लिए ओट (पत्थर) लगा दिए।
लगभग आधे घंटे के विश्राम के बाद, जैसे ही गाड़ी को दोबारा स्टार्ट करने के लिए हैंड ब्रेक खींचा गया, ढलान होने के कारण टेंपो ट्रैवलर टायरों के नीचे लगे पत्थर को रौंदते हुए तेजी से आगे बढ़ गया। चालक ने बताया कि चूंकि वाहन का स्टीयरिंग पहले से ही लॉक किया हुआ था, इसलिए गाड़ी सीधे खाई की तरफ न जाकर सड़क के बीचों-बीच ही पलट गई। यदि स्टीयरिंग लॉक न होता, तो अनियंत्रित होकर गाड़ी सीधे गहरी खाई में समा जाती और एक भीषण विधिक त्रासदी घटित हो सकती थी।
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