लालकुआं में बन रही है दो सौ सुगंधित व औषधीय पौधों की वाटिका

लालकुआं: वन अनुसंधान केंद्र लालकुआं द्वारा सुगंधित व ओषधीय पौधों के संकलन का अनूठा प्रयोग किया जा रहा है। जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों में पाए जाने वाले दो सौ प्रजातियों के सुगंधित व औषधीय पौधे रोपित किए जा रहे हैं। वाटिका न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा वही क्षेत्रवासियों को भी इसका काफी लाभ मिलेगा।
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वन अनुसंधान केंद्र के वन क्षेत्र अधिकारी मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी के निर्देश पर वन अनुसंधान केंद्र लालकुआं में देश के विभिन्न प्रांतों में पाए जाने वाले सुगंधित व औषधीय पौधों का संकलन कर वाटिका बनाई जा रही है। बताया कि वाटिका में देश के विभिन्न प्रांतों में पाए जाने वाले करीब दो सौ प्रजातियों के सुगंधित व औषधीय पौधे लगाए जा रहे है । वाटिका में 20 प्रजातियों की तुलसी व धार्मिक महत्व की पाती के पांच प्रजातियों के पौधों के अलावा लेमन ग्रास, पामा रोज, रात की रानी, जैस्मिन, मोंगरा, चमेली, दिन का राजा, केवड़ा, मेंथा, पुदीना, वन हल्दी, आमा हल्दी, काली हल्दी समेत तमाम प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे है। वन अनुसंधान केंद्र का यह प्रयोग क्षेत्रवासियों के लिए काफी लाभप्रद होगा।

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