
राजू अनेजा,काशीपुर। निकटवर्ती ग्राम प्रतापपुर के बाजार में महिलाओं और युवतियों के कथित रूप से मोबाइल से वीडियो बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। कई दिनों से संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत मिलने पर ग्रामीणों ने युवक पर नजर रखनी शुरू की। ग्रामीणों का आरोप है कि युवक बाजार में महिलाओं और युवतियों के वीडियो बना रहा था। इसी दौरान लोगों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
कई दिनों से संदिग्ध गतिविधियों पर थी ग्रामीणों की नजर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक पड़ोसी गांव का रहने वाला है और पास के क्षेत्र में मजदूरी का काम करता है। बताया जा रहा है कि वह पिछले कई दिनों से बाजार में घूमता दिखाई दे रहा था, जिससे लोगों को उस पर संदेह हो गया। ग्रामीणों ने उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी और कथित तौर पर वीडियो बनाते हुए उसे पकड़ लिया। घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।
मोबाइल जब्त, जांच में जुटी पुलिस
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ थाने ले गई। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पूछताछ और काउंसलिंग के बाद उसे भविष्य में इस तरह की हरकत न करने की सख्त चेतावनी दी गई। पुलिस का कहना है कि मोबाइल की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूछताछ में बताई यह पहचान
पुलिस पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम भूपेंद्र सिंह सैनी बताया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में उसने यही नाम बताया, जबकि वह सिख वेशभूषा (पगड़ी और दाढ़ी) में रह रहा था। फिलहाल पुलिस उसके नाम, पते और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। जांच के बाद ही उसकी वास्तविक पहचान और अन्य तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।
ग्रामीणों का दावा—मोबाइल के प्राइवेसी ऐप में मिले करीब 93 महिलाओं-युवतियों के फोटो और वीडियो
ग्रामीणों का दावा है कि युवक के मोबाइल की जांच के दौरान एक प्राइवेसी ऐप में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों के फोटो एवं वीडियो सुरक्षित मिले हैं। कुछ ग्रामीणों के अनुसार इनकी संख्या करीब 93 बताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और मोबाइल की तकनीकी जांच जारी है।
आखिर किस मकसद से बनाए जा रहे थे वीडियो, उठ रहे कई सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यदि मोबाइल में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों के फोटो एवं वीडियो मिले हैं तो यह गंभीर जांच का विषय है कि आखिर इन्हें किस उद्देश्य से सुरक्षित रखा गया था। क्या यह केवल निजी संग्रह था या इसके पीछे कोई अन्य मकसद था? इन सभी सवालों के जवाब अब पुलिस की जांच और डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट से ही सामने आएंगे।
महिलाओं और युवतियों को ही बनाया जा रहा था निशाना?
ग्रामीणों का आरोप है कि युवक की गतिविधियां मुख्य रूप से महिलाओं और युवतियों के आसपास ही देखी जाती थीं। घटना के बाद क्षेत्र की महिलाओं और अभिभावकों में भय का माहौल है। लोगों ने पुलिस से बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित गश्त बढ़ाने तथा महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
परिजनों ने बताया मानसिक रूप से अस्वस्थ, जांच के बाद ही साफ होगी स्थिति
ग्रामीणों के अनुसार युवक के परिजनों ने उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की बात कही है। हालांकि, इस दावे की भी पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
हर एंगल से जांच की मांग, डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि मोबाइल की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कर यह पता लगाया जाए कि वीडियो कब बनाए गए, किन स्थानों पर बनाए गए, क्या उन्हें किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा किया गया और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। लोगों का कहना है कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
एसपी काशीपुर ने लिया तत्काल संज्ञान
मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिलने पर एसपी काशीपुर स्वप्न कुमार सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए।
एसपी स्वप्न कुमार सिंह ने कहा, “उक्त मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। महिलाओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

