पहाड़ के इस युवक ने आग से लड़ बहनों की बचाई जान

कोटद्वार : पौड़ी गढ़वाल के द्वारीखाल ब्लॉक मैं ग्राम सिमलिया का रहने वाला सतबीर आज पूरे गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है, पूरा गांव उसके साहस की बातें कर रहा है, दरअसल बीती शाम सतबीर अपनी 35 बकरियों को लेकर जंगल में चराने ले गया साथ में उसकी चचेरी बहन किरण वह सिमरन भी साथ में चली गई, हमेशा की तरह वह अपनी बकरियों को चराने के लिए जंगल में गया पर इस समय उत्तराखंड के जंगलों में फैली आग से वह अनजान था, जिसका उसे खामियाजा भी भुगतना पड़ा, बकरियां जंगल में छोड़ सतबीर अपनी बहनों के साथ जब बातों मैं मशगूल था, तब अचानक उसको एहसास हुआ कि वह चारों तरफ से आग की लपटों में घिर चुका है, पर हिम्मत ना हारते हुए और बहादुरी दिखाते हुए सतवीर ने तुरंत वहां पेड़ों में से हरे पत्ते तोड़ एक तरफ से लगी आग को बुझाना शुरू किया और वहां से अपनी बहनों को बाहर निकाला, साथ ही उसने इसी तरीके से 30 बकरियों की भी जान बचाई पर इस भीषण अग्निकांड में पांच बकरियों की मौत हो गई। इस अग्निकांड में अपनी बहनों का बकरियों को बचाने में सतवीर भी आग की चपेट में आ गया और उसके कपड़ों ने आग पकड़ ली पर उसने अपने दिमाग का इस्तेमाल करते हुए तेजी से दौड़ लगाते हुए करीब 300 मीटर दूर नदी में छलांग लगा दी इसी दौरान उसकी बहनों ने गांव में पहुंच कर ग्रामीणों से सारी घटना का विवरण दिया बड़ी संख्या में जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो सतवीर नदी के तट पर लेटा हुआ था तुरंत गांव वालों ने सतवीर को एंबुलेंस से कोटद्वार स्थित बेस चिकित्सालय पहुंचाया खबर लिखे जाने तक चिकित्सक के अनुसार उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, सतवीर के इस शहर से उसके पिता चंद्रमोहन भी काफी गर्व महसूस कर रहे हैं साथ ही गांव वाले भी उसके साहस और बुद्धिमानी की तारीफ कर रहे हैं।

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