
राजू अनेजा,काशीपुर। चंपावत में गैस एजेंसी प्रबंधक द्वारा आत्महत्या किए जाने की दर्दनाक घटना का असर अब काशीपुर में भी देखने को मिला। कुमाऊं मंडल विकास निगम के तहत संचालित गैस एजेंसी संचालक ने विरोध स्वरूप सोमवार को गैस बुकिंग और वितरण पूरी तरह बंद रखा, जिससे पहले से ही गैस संकट झेल रहे उपभोक्ताओं की परेशानियां और बढ़ गईं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले ही गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद 10 से 15 दिन का लंबा इंतजार करना पड़ रहा था, ऐसे में एक दिन की हड़ताल ने हालात और बिगाड़ दिए। कई उपभोक्ता खाली सिलेंडर लेकर एजेंसी के चक्कर काटते नजर आए, लेकिन हर जगह ताला लटका मिला।
दरअसल, चंपावत में इंडेन गैस एजेंसी के 55 वर्षीय प्रबंधक दयाल रावत ने रविवार रात अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद गैस एजेंसी संचालकों में रोष है और उन्होंने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया।
पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इधर, काशीपुर में गैस एजेंसी पर लगे नोटिस और बंद सेवाओं के चलते आम जनता त्रस्त रही। एजेंसी संचालकों का कहना है कि यह सिर्फ एक दिन का सांकेतिक विरोध है और मंगलवार से सेवाएं फिर से सुचारु कर दी जाएंगी।
साथ ही एजेंसी संचालकों ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से मांग की है कि गैस बुकिंग और वितरण के नियमों में ढील दी जाए, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिल सके और कर्मचारियों पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सके।
फिलहाल प्रशासन हालात सामान्य कराने के लिए सक्रिय है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने गैस वितरण व्यवस्था और कर्मचारियों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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