लव जिहाद के बाद पुरोला में एक नया विवाद, जानिए सैलून को लेकर लोगों ने क्यों जताया विरोध

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उत्तरकाशी का पुरोला लव जिहाद को लेकर लंबे समय तक सुर्खियों में रहा। जिसके बाद से अब मामला शांत हो गया। लव जिहाद का मामला शांत होने के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने मिलकर शांति व्यवस्था के लिए कुछ नियम बनाए थे।

लेकिन एक बार फिर इन नियमों को तोड़ने का आरोप लगा है। आरोप है कि सैलून में पुरूष नाई ने महिलाओं के बाल काटने शुरू कर दिए हैं। जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं।

सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और राजनीतिक दलों के लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर इसका विरोध जताया है। ज्ञापन में लोगों ने कहा है कि पूर्व घटना को देखते हुए किसी भी व्यापारी व्यक्ति के व्यवसाय करने पर छानबीन व सत्यापन करने के बाद ही किराए पर देने के लिए अनु​मति दें। आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने बगैर स्थानीय लागों को विश्वास में लिए एक नाई की दुकान खोली। इतना ही नहीं महिला कर्मी न होने पर भी महिलाओं के बाल काटने और फेशियल किया गया। जिस पर स्थानीय लोगों ने अब कार्रवाई की मांग की है।

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बीते जून में पुरोला में लव जिहाद का मामला शांत होने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर कुछ नियम बनाए थे। पुलिस के साथ मिलकर व्यापारियों ने कुछ नियम बनाए हैं। जिसमें बाहर से आने वाले फेरी वालों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। जबकि सैलून की दुकानों के लिए खास नियम बनाए गए हैं। जिससे भविष्य में किसी तरह की समस्या न हो।

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बीते मई में उत्तरकाशी के पुरोला में एक नाबालिग को भगाने के आरोप में एक समुदाय विशेष के युवक पर गंभीर आरोप लगने के बाद क्षेत्र में तनाव हो गया था। जिसके बाद पूरे उत्तरकाशी में माहौल गरमा गया था और मुस्लिम दुकानदारों को टारगेट करने का आरोप भी लगा। इतना ही नहीं मुस्लिमों को दुकानें खाली करने के नोटिस भी चस्पा किए। इसके बाद कुछ दुकानदारों ने दुकानें खाली कर पलायन भी किया। हालांकि बाद में कुछ वापस भी आए। सबसे ज्यादा पुरोला में तनाव महापंचायत को लेकर हुआ। हालांकि धारा 144 लगने के बाद महापंचायत नहीं हो पाई। अब पुरोला में स्थिति सामान्य हो चुकी है।

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