हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के बाद रामलीला मैदान के ‘शुद्धीकरण’ पर सियासत गरमाई: कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया दलित विरोधी होने का आरोप, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
हल्द्वानी। कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली के बाद रामलीला मैदान में श्री राम सेना धर्मार्थ न्यास द्वारा कराए गए शुद्धीकरण और गंगाजल छिड़काव कार्यक्रम ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। 8 अगस्त को आयोजित इस रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य शामिल हुए थे। रैली के बाद हुए शुद्धीकरण हवन को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है और इसे दलित समाज तथा अनुसूचित वर्ग के बड़े नेताओं का सीधा अपमान करार दिया है। वहीं, हवन कराने वाले संगठन का तर्क है कि रैली में सनातन स्थल पर धार्मिक नारेबाज़ी की गई थी, जिसके चलते यह कदम उठाया गया।
एसएसपी कार्यालय में हंगामा, ‘एआई’ वीडियो और शुद्धीकरण से बढ़ा विवाद
विवाद की शुरुआत रैली के दिन कार्यकर्ताओं के वाहनों की चेकिंग को लेकर हुई, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर एसएसपी के खिलाफ अपशब्द कहने और रैली में कथित तौर पर धार्मिक नारेबाज़ी के वीडियो प्रसारित होने लगे। कांग्रेस ने इन वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से निर्मित और फर्जी करार देते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, 10 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास ने स्थल की पवित्रता का हवाला देते हुए मैदान में हवन-पूजन और गंगाजल का छिड़काव कर दिया, जिससे मामला और तूल पकड़ गया।
कांग्रेस का बुद्ध पार्क में धरना-प्रदर्शन, भाजपा का पुतला फूंककर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
शुद्धीकरण के विरोध में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष इंद्र पाल आर्य और राजीव गांधी पंचायती राज प्रकोष्ठ की समन्वयक राधा आर्य के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने बुद्ध पार्क में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार का पुतला फूंका और तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह कृत्य सामाजिक समानता और भाईचारे के खिलाफ है। इस दौरान विनोद कुमार पिन्नू, ललित जोशी, हरेंद्र बोरा, नीरज तिवारी और हेमवती नंदन दुर्गापाल समेत कई वरिष्ठ कांग्रेसी मौजूद रहे।


