₹313 के जूतों के लिए कंपनी को पड़ेगा ₹40,000 का फटका: अल्मोड़ा उपभोक्ता आयोग का ऑनलाइन कंपनी के खिलाफ ऐतिहासिक फैसला

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अल्मोड़ा: ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर उपभोक्ताओं को परेशान करने वाली कंपनियों के लिए अल्मोड़ा जिला उपभोक्ता आयोग ने एक कड़ा सबक पेश किया है। ₹313 के जूतों की डिलीवरी न करने और नोटिस की अनदेखी करने पर आयोग ने कंपनी पर ₹40,000 से अधिक का जुर्माना लगाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों के समय और अधिकारों के साथ खिलवाड़ ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ (Unfair Trade Practice) की श्रेणी में आता है।

👟 क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता कोमल जोशी ने करीब आठ महीने पहले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मीशो (Meesho) और रविंद्र इंडस्ट्रीज से ₹313 के लेडीज जूते ऑर्डर किए थे। भुगतान (Payment) होने के बावजूद निर्धारित समय बीत जाने पर भी जूतों की डिलीवरी नहीं की गई। जब कोमल ने कंपनी से संपर्क किया और कानूनी नोटिस भेजा, तो कंपनी ने न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया और न ही पैसे वापस किए।

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🏛️ आयोग की सख्त टिप्पणी

जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल और सदस्य सुरेश चंद्र कांडपाल की पीठ ने मामले की सुनवाई की। आयोग ने पाया कि:

  • कंपनी ने आयोग द्वारा भेजे गए नोटिसों को जानबूझकर स्वीकार नहीं किया।

  • यह न केवल सेवा में कमी है, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों का खुला उल्लंघन है।

  • कंपनी की अनुपस्थिति के कारण आयोग ने एकतरफा कार्यवाही (Ex-parte) करते हुए दंड निर्धारित किया।

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💰 जुर्माने और मुआवजे का विवरण

आयोग ने विपक्षी कंपनी को निम्नलिखित भुगतान करने के आदेश दिए हैं:

मद (Head) राशि (Amount)
सामान की मूल राशि ₹313 (8% वार्षिक ब्याज के साथ)
मानसिक उत्पीड़न का मुआवजा ₹10,000
मुकदमा खर्च (वाद-व्यय) ₹5,000
अनुचित व्यापार व्यवहार हेतु दंड ₹25,000 (उपभोक्ता कोष में जमा होगा)
कुल आर्थिक भार ₹40,313 + ब्याज

📢 उपभोक्ताओं के लिए संदेश

यह फैसला उन सभी ऑनलाइन खरीदारों के लिए एक बड़ी जीत है जो अक्सर छोटी राशि समझकर कंपनियों की धोखाधड़ी को सह लेते हैं। आयोग के इस कड़े रुख से यह संदेश गया है कि राशि चाहे ₹300 हो या ₹3 लाख, उपभोक्ता के अधिकारों का हनन होने पर कानून सख्त कदम उठाएगा।

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