डंपरों के खिलाफ आवाम के साथ सड़क पर उतरे चेयरमैन सतीश चुघ, बोले- गूलरभोज को मौत का रास्ता नहीं बनने देंगे

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खनन डंपरों के आवागमन को लेकर चेयरमैन और पट्टा संचालक आमने-सामने, सड़क पर गरमाया माहौल

 

राजू अनेजा, गूलरभोज।गूलरभोज में खनन डंपरों के आवागमन को लेकर  बड़ा विवाद खड़ा हो गया। नगर पंचायत चेयरमैन सतीश चुघ खुद आवाम के साथ सड़क पर उतर आए और मुख्य मार्ग से गुजर रहे खनन डंपरों का विरोध किया। इस दौरान खनन पट्टा संचालक और चेयरमैन के बीच तीखी बहस भी हुई, जिसने पूरे इलाके की सियासत गरमा दी।
चेयरमैन सतीश चुघ ने साफ शब्दों में कहा कि गूलरभोज की जनता की जान किसी भी खनन पट्टे से ज्यादा कीमती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारी डंपरों के लगातार आवागमन से सड़कें बुरी तरह टूट चुकी हैं और क्षेत्र में हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।

“एक युवक की जान जा चुकी, अब और हादसे नहीं होने देंगे”

सतीश चुघ ने कहा कि डंपरों की वजह से पहले ही एक युवक अपनी जान गंवा चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन और खनन संचालक सबक लेने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दिनभर दौड़ते भारी वाहन आम लोगों, स्कूली बच्चों और राहगीरों की जिंदगी के लिए खतरा बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क किनारे दुकानदार धूल से परेशान हैं। हालत यह है कि दुकानों में बैठना तक मुश्किल हो गया है। क्षेत्र की सड़कें जगह-जगह टूट रही हैं और आम जनता सबसे ज्यादा परेशान हो रही है।

सड़क पर ही खनन संचालक से हुई तीखी बहस

विरोध के दौरान मौके पर पहुंचे खनन पट्टा संचालक ने चेयरमैन के रुख पर आपत्ति जताई। उसने कहा कि खनन पट्टा सरकार द्वारा स्वीकृत है और सड़क भी सरकारी है, इसलिए डंपरों का आवागमन रोकने का अधिकार किसी को नहीं है।
इस पर चेयरमैन सतीश चुघ ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा से बड़ा कोई नियम नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अगर वैध अनुमति के नाम पर लोगों की जान खतरे में डाली जाएगी तो जनता आवाज उठाएगी और जनप्रतिनिधि भी सड़क पर उतरेंगे।

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चेयरमैन के समर्थन में उमड़ी भीड़

 

पूरे घटनाक्रम के दौरान बड़ी संख्या में गूलरभोज के लोग चेयरमैन सतीश चुघ के समर्थन में सड़क पर खड़े दिखाई दिए। स्थानीय लोगों ने भी डंपरों के आवागमन का विरोध करते हुए कहा कि क्षेत्र की सड़कें जवाब दे चुकी हैं और हर दिन दुर्घटना का डर बना रहता है।
व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना था कि प्रशासन को पहले वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करनी चाहिए, उसके बाद ही भारी वाहनों को आबादी वाले रास्तों से गुजरने देना चाहिए।

गूलरभोज में अब खनन बनाम जनसुरक्षा की बहस तेज

 

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इस पूरे घटनाक्रम के बाद गूलरभोज में खनन और जनसुरक्षा को लेकर नई बहस छिड़ गई है। एक तरफ खनन संचालक सरकारी अनुमति का हवाला दे रहे हैं, तो दूसरी ओर चेयरमैन सतीश चुघ और स्थानीय लोग इसे जनता की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा बड़ा मुद्दा बता रहे हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस टकराव के बीच क्या रास्ता निकालता है, लेकिन फिलहाल गूलरभोज में डंपरों के खिलाफ जनता का गुस्सा खुलकर सड़क पर दिखाई देने लगा है।