बागेश्वर विधानसभा उपचुनावः मंगलवार को पड़ेंगे वोट, भाजपा की पार्वती दास और कांग्रेस के बसंत कुमार में मुकाबला

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उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार के कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के असामयिक निधन से खाली हुई बागेश्वर विधानसभा सीट पर मंगलवार को उपचुनाव होना है.

निर्वाचन आयोग के मुताबिक बागेश्वर सीट के 188 बूथों पर मंगलवार को सभी मतदाता उपचुनाव के लिए मतदान करेंगे. इस बार गत चार चुनावों के बाद आमने-सामने की टक्कर वाला चुनाव हो रहा है. मतदाताओं की चुप्पी के चलते भाजपा व कांग्रेस दोनों ही पार्टियां असमंजस में हैं. बागेश्वर में कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास की 26 अप्रैल को हुई असामयिक मौत के बाद यह विधानसभा सीट खाली हो गई. इस पर मंगलवार को उपचुनाव होना है. इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने जहां दिवंगत चंदन राम दास की पत्नी पार्वती दास को अपना उम्मीदवार बनाया है, वहीं कांग्रेस की तरफ से बसंत कुमार चुनाव मैदान में हैं.

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मतदाताओं की चुप्पी से दोनों दलों के प्रत्याशी बेचैन
लंबे समय बाद हो रहे उपचुनाव में आमने-सामने का मुकाबला होने के कारण इस बार कांटे की टक्कर की उम्मीद है. हालांकि दोनों दल जीत का दावा कर रहे हैं, मगर मतदाताओं की चुप्पी के कारण भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही दलों के प्रत्याशी कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं. अलबत्ता, दोनों राष्ट्रीय पार्टियों के उम्मीदवार अपनी तरफ से मतदाताओं को रिझाने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रहे हैं.

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भाजपा-कांग्रेस की प्रतिक्रियाभाजपा के चुनाव संयोजक शिव बिष्ट ने बागेश्वर उपचुनाव को लेकर कहा कि उनकी पार्टी कभी जातिवाद के आधार पर चुनाव नहीं लड़ती है. वहीं कांग्रेस प्रत्याशी जातिवाद के आधार पर चुनाव लड़ते रहे हैं. उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता स्व. चंदन दास को याद करते हुए उनके पक्ष में मतदान करेगी. उधर, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भगत सिंह डसीला ने कहा कि पिछले 17 वर्षों में बागेश्वर का विकास ठप हो गया है. इस उपचुनाव में जनता भाजपा से उसके कुशासन का बदला लेने का मन बना चुकी है, बसंत कुमार को पूरा समर्थन मिल रहा है व कांग्रेस का जीतना तय है.