नैनीताल में बड़ा हादसा: सरिता ताल झील में गिरी पर्यटकों से भरी बेकाबू कार; स्थानीय लोगों ने मसीहा बन बचाई मुरादाबाद के 4 युवकों की जान

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नैनीताल, 17 जून 2026: उत्तराखंड के नैनीताल जनपद से एक भीषण विधिक सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। यहाँ उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से नैनीताल घूमने आए पर्यटकों की एक कार अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई की ओर लुढ़कते हुए सीधे सरिता ताल झील में जा समाई। कार गिरते ही मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। लेकिन देवभूमि के स्थानीय नागरिकों ने अदम्य साहस और त्वरित विधिक व मानवीय तत्परता का परिचय देते हुए तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कार में फंसे सभी पर्यटकों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गनीमत यह रही कि इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।

वापसी के दौरान सरिता ताल के पास खोया नियंत्रण

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त प्राथमिक विधिक जानकारी के अनुसार, मुरादाबाद निवासी चार पर्यटक नैनीताल के विभिन्न विधिक पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने के बाद अपनी कार से वापस उत्तर प्रदेश लौट रहे थे।

  • दुर्घटना का विवरण: नैनीताल-मुरादाबाद मुख्य मार्ग पर सरिता ताल क्षेत्र के समीप अचानक चालक वाहन पर से अपना विधिक व शारीरिक नियंत्रण खो बैठा।

  • झील में समाई कार: नियंत्रण हटते ही तेज रफ्तार कार सड़क किनारे सुरक्षा दीवारों को तोड़ती हुई पहाड़ी से नीचे लुढ़की और सीधे सरिता ताल झील के गहरे पानी में जा गिरी।

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स्थानीय युवाओं ने पानी में कूदकर बचाई जान

कार के झील में गिरते ही आसपास के दुकानदार, ग्रामीण और राहगीर बिना एक पल गंवाए घटना की ओर दौड़े। दुर्घटना के बाद कार में सवार दो पर्यटक तो किसी तरह स्वयं विधिक रूप से खिड़की खोलकर बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन दो अन्य पर्यटक पानी के दबाव के कारण वाहन के भीतर ही फंस गए और डूबने की कगार पर पहुंच गए।

स्थानीय निवासियों ने अदम्य साहस दिखाते हुए झील के पानी में छलांग लगाई और कड़ी मशक्कत के बाद कार के भीतर फंसे दोनों पर्यटकों को विधिक व सुरक्षित रूप से बाहर खींच निकाला।

“कार नैनीताल से मुरादाबाद की दिशा में आगे बढ़ रही थी कि अचानक वह अनियंत्रित होकर पहाड़ी से नीचे पलटते हुए सीधे सरिता ताल झील में जा पहुंची। हम लोगों ने बिना समय गंवाए एकजुट होकर रेस्क्यू शुरू किया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। ईश्वर की कृपा से सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को भी कोई गंभीर या प्राणघातक चोट नहीं आई है।”

अभय बवाड़ी, क्षेत्रीय निवासी व प्रत्यक्षदर्शी

प्रशासनिक टीम ने लिया जायजा; बड़ा विधिक हादसा टला

हादसे की विधिक सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाली पुलिस और जिला प्रशासन की आपदा प्रबंधन टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और क्रेन की मदद से वाहन को झील से बाहर निकालने की विधिक प्रक्रिया शुरू की।

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पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि वाहन का अचानक नियंत्रण खो जाना ही दुर्घटना का मुख्य विधिक कारण प्रतीत हो रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत विधिक जांच कर रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने पर्यटकों की जान बचाने वाले स्थानीय युवाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि यदि ग्रामीणों द्वारा समय रहते त्वरित विधिक व व्यावहारिक मदद नहीं मिलती, तो यह दुर्घटना एक बड़े और दर्दनाक हादसे का रूप ले सकती थी। फिलहाल सभी चारों पर्यटक सुरक्षित हैं और उन्हें आवश्यक प्राथमिक उपचार के बाद गंतव्य के लिए रवाना करने की विधिक कागजी कार्रवाई की जा रही है।

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