विपक्ष को कुचलने में जुटी भाजपा सरकार, पुलिस बनी हथियार : अलका पाल

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राजू अनेजा,काशीपुर। वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री एवं प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य अलका पाल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान पांच जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण और उनकी बरामदगी को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में किए गए विरोध प्रदर्शन से बौखलाकर सरकार ने कांग्रेसी नेताओं पर मुकदमे दर्ज कराए, जो बेहद अफसोसजनक है।

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अलका पाल ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक सुमित हिरदेश, विधायक भुवन कापड़ी, पूर्व विधायक संजीव आर्य एवं अन्य पर बीएनएस की धारा 62, 115(2), 140(3) और 191(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर भाजपा सरकार अपनी तानाशाही का परिचय दे रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अब विपक्ष की आवाज दबाने के लिए खुलेआम पुलिस का सहारा लिया जा रहा है।

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महिला कांग्रेस की वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अलका पाल ने कहा कि पंचायत चुनावों में भाजपा की धांधली, गुंडागर्दी, अपहरण और गोलीबारी की घटनाओं से साफ हो गया है कि विपक्ष को चुनाव लड़ने से भी रोका जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पंचायत चुनावों में पहले ही 7 महीने की देरी की और फिर आरक्षण में मनमानी कर नियमों की धज्जियां उड़ाईं।

उन्होंने नैनीताल, बेतालघाट और रुद्रप्रयाग की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधी खुलेआम अपहरण और फायरिंग करते रहे, जबकि प्रशासन और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। अलका पाल ने लचर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की।

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