खाद्य विभाग की रडार पर काशीपुर में फल-फूल रहा ‘सफेद जहर’ का काला कारोबार

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मिलावटखोरों पर शिकंजे की तैयारी, वसूली करने वाले गिरोह भी निशाने पर

राजू अनेजा, काशीपुर।दूध, पनीर और मावे के नाम पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले कथित मिलावटखोर अब खाद्य सुरक्षा विभाग की रडार पर हैं। काशीपुर क्षेत्र में पिछले कई माह से मिलावटी दुग्ध उत्पादों को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद विभाग ने अब कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। नकली और सिंथेटिक पनीर-मावे के निर्माण से लेकर उनकी बिक्री तक की कड़ी खंगाली जाएगी। वहीं, मिलावट के नाम पर कारोबारियों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह भी विभाग की निगरानी में रहेंगे।

 

यूपी से आने वाले दुग्ध उत्पादों पर भी नजर

काशीपुर की सीमा से लगे उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों से दूध, पनीर और मावे की आवाजाही को देखते हुए खाद्य विभाग की नजर अब बाहर से आने वाले उत्पादों पर भी रहेगी। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ललित मोहन पांडे ने बताया कि यूपी से आने वाले वाहनों की सघन जांच की जाएगी।
खास तौर पर सिंथेटिक पनीर और मावे की आशंका वाले उत्पादों के नमूने लिए जाएंगे। जांच में मानक के विपरीत पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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शिकायतों के बाद जल्द चलेगा विशेष अभियान

 

काशीपुर क्षेत्र से पिछले कई माह से नकली और मिलावटी दुग्ध उत्पादों को लेकर शिकायतें विभाग को मिल रही हैं। त्योहारों के दौरान दूध, पनीर, मावा और इनसे तैयार होने वाली मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावटखोरों के सक्रिय होने की आशंका भी बढ़ जाती है।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ही विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान संदिग्ध प्रतिष्ठानों और निर्माण स्थलों पर छापेमारी कर नमूने लिए जाएंगे।

 

निर्माण से बिक्री तक खंगाली जाएगी पूरी कड़ी

विभाग की कार्रवाई केवल दुकानों तक सीमित नहीं रहेगी। नकली दुग्ध उत्पाद कहां तैयार किए जा रहे हैं, किन माध्यमों से काशीपुर पहुंच रहे हैं और किन स्थानों पर उनकी बिक्री हो रही है, इसकी भी जानकारी जुटाई जाएगी।
निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री—पूरी सप्लाई चेन पर नजर रखी जाएगी। विभाग का उद्देश्य मिलावट के कारोबार की जड़ तक पहुंचना है, ताकि केवल बिक्री करने वालों पर कार्रवाई के बजाय इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क को भी चिन्हित किया जा सके।

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मिलावट के नाम पर वसूली करने वाले भी निशाने पर

खाद्य विभाग की कार्रवाई में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। अधिकारी के मुताबिक मिलावट के नाम पर कारोबारियों से पैसे ऐंठने वाले गिरोहों पर भी नजर रखी जा रही है।
अक्सर कार्रवाई का डर दिखाकर अवैध वसूली की शिकायतें सामने आती हैं। विभाग ऐसे मामलों में भी जानकारी जुटाएगा। यदि किसी व्यक्ति या गिरोह द्वारा खाद्य कारोबारियों को धमकाकर धन वसूली किए जाने की बात सामने आती है तो संबंधित एजेंसियों के स्तर से भी कार्रवाई कराई जाएगी।

त्योहार से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा

 

रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है और ऐसे में दूध, पनीर, मावा और मिठाइयों की मांग बढ़ना तय है। इसी को देखते हुए खाद्य विभाग की प्रस्तावित कार्रवाई को अहम माना जा रहा है।
लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब जांच और नमूना कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है। विभाग की टीम काशीपुर में अभियान शुरू करती है तो आने वाले दिनों में कई संदिग्ध प्रतिष्ठान जांच के दायरे में आ सकते हैं।

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इन पर रहेगी खास नजर

सिंथेटिक पनीर और मावा
मिलावटी दूध व दुग्ध उत्पाद
बिना मानक तैयार किए जा रहे खाद्य पदार्थ

यूपी से आने वाले संदिग्ध वाहन
दुग्ध उत्पादों के निर्माण व भंडारण स्थल
मिलावटी उत्पादों की आपूर्ति करने वाले कारोबारी
मिलावट के नाम पर अवैध वसूली करने वाले गिरोह
अब खाद्य विभाग के अभियान पर सबकी नजर रहेगी। जांच और नमूना कार्रवाई के बाद ही यह सामने आएगा कि काशीपुर में मिलावटी दुग्ध उत्पादों को लेकर सामने आ रही शिकायतों में कितनी सच्चाई है और इस कथित ‘सफेद जहर’ के कारोबार का नेटवर्क कितना बड़ा है।

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