उत्तराखंड में मौसम का बदला मिजाज: 5 पहाड़ी जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी का ‘यलो अलर्ट’; पिथौरागढ़ में स्कूल बंद, देर से आए आदेश पर भड़के अभिभावक

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पिथौरागढ़/देहरादून: उत्तराखंड में जून के महीने में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है और पहाड़ी जनपदों में कड़ाके की ठंड के साथ बारिश व बर्फबारी का दौर लगातार जारी है। उत्तराखंड मौसम विभाग ने राज्य के पांच पर्वतीय जिलों—उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अंदेशा जताया है। साथ ही 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी (हिमपात) की संभावना व्यक्त की है। मौसम के इस कड़े रुख को देखते हुए विभाग ने प्रदेश के पहाड़ी और मैदानी जनपदों में आकाशीय बिजली चमकने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है।

आदि कैलाश और ओम पर्वत पर भारी हिमपात, जून में भी 17 डिग्री पहुंचा पारा

सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही मूसलधार बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

  • ऊंची चोटियों पर बर्फबारी: जिले के धारचूला और मुनस्यारी की ऊंची चोटियों पर लगातार हिमपात हो रहा है। प्रसिद्ध आदि कैलाश और ओम पर्वत समेत पूरी व्यास घाटी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रविवार रात को भी भारी बर्फबारी दर्ज की गई है।

  • ठंड का प्रकोप: निचले इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण जून के महीने में भी पिथौरागढ़ जिले का अधिकतम तापमान गिरकर 17 से 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे क्षेत्र में नवंबर-दिसंबर जैसी कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है।

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सुरक्षा के मद्देनजर पिथौरागढ़ के 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद

लगातार खराब हो रहे मौसम और मौसम विभाग की गंभीर चेतावनी को देखते हुए पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी (DM) आशीष भटगांई ने सोमवार को जिले के सभी स्कूलों में एहतियातन एक दिन का शासकीय अवकाश घोषित कर दिया। मुख्य शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार पंत की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के सभी शासकीय, अशासकीय (सरकारी सहायता प्राप्त) और निजी (प्राइवेट) स्कूलों को अनिवार्य रूप से बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी प्रधानाचार्यों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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सुबह 7 बजे आया छुट्टी का आदेश; बारिश के बीच स्कूल पहुंचे बच्चों को लौटना पड़ा वापस, अभिभावक नाराज

इस प्रशासनिक व्यवस्था के बीच दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में आज सुबह भारी अव्यवस्था देखने को मिली, जिससे स्थानीय अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। दरअसल, जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में अवकाश घोषित करने का आधिकारिक आदेश सुबह करीब 7 बजे जारी किया गया। पहाड़ी भूगोल और दूर-दराज के क्षेत्र होने के कारण अधिकांश बच्चे और शिक्षक इस आदेश के आने से पहले ही घरों से निकलकर पैदल या अन्य माध्यमों से भारी बारिश के बीच भीगते हुए स्कूलों में पहुंच चुके थे।

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स्कूल पहुंचने के बाद उन्हें छुट्टी होने की जानकारी मिली, जिसके चलते बच्चों को इस खराब मौसम में दोबारा जोखिम उठाकर वापस अपने घरों को लौटना पड़ा। क्षेत्र के अभिभावकों ने जिला प्रशासन की इस लचर कार्यप्रणाली पर तीव्र नाराजगी व्यक्त की है। उनका साफ कहना है कि यदि मौसम विभाग की चेतावनी पहले से थी, तो अवकाश का आदेश समय रहते रविवार रात या सुबह जल्दी जारी किया जाना चाहिए था, ताकि नौनिहालों को इस कड़कड़ाती ठंड और बारिश में परेशान न होना पड़ता।