गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस पर काशीपुर पहुंचे सीएम धामी ने कहा –उत्तराखंड की धरती रहेगी धर्म-संस्कृति की प्रहरी

CM Dhami, who reached Kashipur on the 350th martyrdom day of Guru Teg Bahadur Ji, said – The land of Uttarakhand will remain the sentinel of religion and culture

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राजू अनेजा, काशीपुर।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को काशीपुर के मोहल्ला पक्काकोट स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब पहुंचकर मत्था टेका और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस पर आयोजित शहीदी नगर कीर्तन में सम्मिलित संगत और देशभर से आए श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि यह यात्रा केवल श्रद्धा का नहीं, बल्कि आस्था, एकता और संदेश प्रसार का पवित्र अभियान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि असम से शुरू होकर अमृतसर और आनंदपुर साहिब तक की 2500 किमी की यह यात्रा भारत की विविधता में एकता का अद्वितीय प्रतीक है।

“हिंद दी चादर” का बलिदान रहेगा अमर

धामी ने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने उस दौर में प्राणों की आहुति दी, जब धर्म और संस्कृति पर मुगलों का गंभीर संकट था। कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए अपने शीश का बलिदान देकर उन्होंने यह संदेश दिया कि अत्याचार के आगे झुकना अधर्म है, जबकि धर्म की रक्षा के लिए प्राण देना ही सच्चा पुण्य है।

उन्होंने कहा कि इसी कारण गुरु तेग बहादुर जी को “हिंद दी चादर” कहा जाता है। उनके साथियों ने भी असहनीय यातनाएँ सहीं, मगर धर्म नहीं छोड़ा। यह बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, पूरे भारतवर्ष की धरोहर है।

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“सिख परंपरा ही एक भारत-श्रेष्ठ भारत की जीवंत मिसाल”

सीएम ने कहा कि सिख गुरुओं ने हमेशा राष्ट्र को सर्वोपरि माना और समाज को जोड़ने का कार्य किया। यदि कहा जाए कि सिख परंपरा ही “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की जीवंत परंपरा है तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

मोदी सरकार के फैसलों का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिख समाज के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि –

  • करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण
  • लंगर पर से करों का हटना
  • हरमंदिर साहिब को FCRA पंजीकरण की स्वीकृति
  • गुरु गोविंद सिंह साहब की 350वीं जयंती पर भव्य आयोजन
  • “वीर बाल दिवस” की घोषणा
  • 1984 के दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने की पहल
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ये सभी कदम मोदी सरकार की सिख समाज के प्रति आस्था और संवेदनशीलता को दर्शाते हैं।

उत्तराखंड में विकास और सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर

धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में गोविंद घाट से हेमकुंड साहिब तक 12.5 किमी लंबे रोपवे निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालु 45 मिनट में ही पवित्र यात्रा पूरी कर सकेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने लैंड जिहाद पर कड़ा प्रहार करते हुए 9 हजार एकड़ से अधिक भूमि मुक्त कराई है, 250 अवैध मदरसों को सील किया है और अब मदरसा बोर्ड को समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की जाएगी। ताकि हर अल्पसंख्यक को समान शिक्षा का अवसर मिले और विद्यालयों में गुरुबाणी एवं गुरुओं का संदेश भी गूंज सके।

सीएम ने घोषणा की कि 24 नवंबर को गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान दिवस को राज्यभर में भव्य रूप से मनाया जाएगा।

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अंत में दिया “विकल्प रहित संकल्प” का संदेश

धामी ने कहा कि गुरुओं के आदर्शों से प्रेरणा लेकर हमें राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक गौरव और नैतिक मूल्यों को सर्वोपरि रखना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे “विकल्प रहित संकल्प” को पूरा करने के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा।

कार्यक्रम में यह लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली, दर्जा राज्यमंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, राजेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष मनोज पाल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, एडीएम पंकज उपाध्याय, एएसपी निहारिका तोमर, एसडीएम अभय प्रताप सिंह, नगर आयुक्त रविंद्र बिष्ट, ननकाना साहिब गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी और भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

 

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