बिंदुखत्ता आंदोलन की स्तंभ रहीं कॉमरेड आनंदी जोशी को लाल झंडे और ‘लाल सलाम’ के नारों के साथ दी गई अंतिम विदाई

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लालकुआं/बिंदुखत्ता: बिंदुखत्ता आंदोलन के शुरुआती दौर से ही संघर्षों की अग्रिम पंक्ति में रहने वाली भाकपा माले की वरिष्ठ सदस्य कॉमरेड आनंदी जोशी का रविवार दोपहर 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। सोमवार को उन्हें उनके पैतृक आवास से अंतिम विदाई दी गई, जहाँ पार्टी कार्यकर्ताओं और परिजनों ने उन्हें लाल झंडा ओढ़ाकर और ‘लाल सलाम’ के गगनभेदी नारों के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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आंदोलनों की प्रखर आवाज थीं आनंदी जोशी

भाकपा माले के वरिष्ठ नेता बहादुर सिंह जग्गी ने उनके योगदान को याद करते हुए बताया कि आनंदी जोशी केवल बिंदुखत्ता तक सीमित नहीं थीं, बल्कि उन्होंने हल्द्वानी, नैनीताल, लखनऊ, देहरादून और दिल्ली तक पार्टी के हर बड़े आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई। वह महिला अधिकारों और जनमुद्दों के लिए हमेशा संघर्षरत रहीं। उनके इसी जुझारू व्यक्तित्व को नमन करने के लिए आगामी 16 मई को दोपहर तीन बजे उनके निवास परिसर में एक स्मृति सभा का आयोजन किया जाएगा।

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अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

आनंदी जोशी की अंतिम यात्रा में भारी संख्या में ग्रामीण और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान आनंद सिंह नेगी, डॉ. कैलाश पाण्डेय, केके बोरा, विमला रौथाण, एडवोकेट कैलाश जोशी, और बिंदुखत्ता व्यापार संघ के अध्यक्ष प्रभात पाल सहित सैकड़ों लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। माले कार्यकर्ताओं ने कहा कि कॉमरेड आनंदी का जाना संगठन के लिए एक अपूरणीय क्षति है और उनके संघर्ष की प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती रहेगी।

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