तिलक विवाद पर कांग्रेस का भाजपा पर तीखा प्रहार: मोहन कुड़ाई बोले—’दिखावे की राजनीति कर रहे सत्ताधारी नेता’

हल्द्वानी। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के बीच भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक से एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बैठक में शामिल होने जा रहे भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम का स्वागत करते समय स्थानीय महिलाओं ने उन्हें तिलक (टीका) लगाया, जिसे उन्होंने थोड़ी ही देर में रुमाल से पोंछ डाला। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा दे दिया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे सनातन धर्म की परंपराओं और देवभूमि की आस्था का सीधा अपमान बताते हुए भाजपा की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
‘दिखावे की राजनीति कर रही भाजपा’—कांग्रेसी नेता मोहन कुड़ाई का तीखा प्रहार
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मोहन कुड़ाई ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में तिलक का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि तिलक स्वीकार्य नहीं था तो उसे लगवाया ही क्यों गया, और लगाकर तुरंत पोंछ देना करोड़ों सनातनियों की आस्था को ठेस पहुंचाने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के लिए धार्मिक प्रतीक सिर्फ चुनावी लाभ और दिखावे का जरिया बन चुके हैं। मोहन कुड़ाई ने दुष्यंत गौतम से देवभूमि की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
मोहन कुड़ाई ने कहा सनातन धर्म में टीका यानी तिलक एक पूजनीय होता है, जो माथे की शोभा बढ़ाने के साथ साथ गौरवान्वित महसूस करता है. ऐसे में बहुत ही शर्म की बात है कि जो पार्टी अपने आपको जनता के सामने और जनता को भ्रमित के लिए सनातन का पाठ पढ़ाती है वो खुद ही सनातन का सम्मान नहीं करती है. ऐसे में दुष्यंत गौतम को प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा दुष्यंत गौतम ने देवभूमि में आकर तिलक का अपमान किया है.
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