उत्तराखंड में ‘बर्फबारी’ का काउंटडाउन: कल रात से भारी बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट, जानें आपके जिले का हाल

खबर शेयर करें -

देहरादून: उत्तराखंड में पिछले कई हफ्तों से जारी शुष्क मौसम का दौर अब समाप्त होने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 22 जनवरी की रात से 24 जनवरी तक प्रदेश में भारी बारिश और बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है। अरब सागर से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के मिलन से प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट आने की संभावना है।

📅 तारीखवार मौसम का पूर्वानुमान

  • 22 जनवरी (गुरुवार रात): उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और 2800 मीटर से ऊपर बर्फबारी शुरू होगी।

  • 23 जनवरी (शुक्रवार): यह दिन सबसे अधिक सक्रिय रहेगा। चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना है।

  • 24 जनवरी (शनिवार): पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रहेगी, जो दोपहर के बाद कम होने लगेगी।


🌩️ मैदानी इलाकों में आंधी-तूफान की आशंका

सिर्फ पहाड़ ही नहीं, बल्कि मैदानी जिले भी इस विक्षोभ की चपेट में रहेंगे:

  • देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर: इन जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज आंधी (Thunderstorm) आने की आशंका है।

  • बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं के चलते जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

🚜 काश्तकारों और पर्यटकों के लिए उम्मीद

  • पर्यटन: औली, चोपता और मुनस्यारी जैसे क्षेत्रों में बर्फबारी न होने से मायूस पर्यटकों के लिए यह अच्छी खबर है।

  • खेती: लंबे सूखे के कारण फसलों को हो रहे नुकसान से चिंतित किसानों के लिए यह बारिश ‘अमृत’ समान साबित होगी।


⚠️ प्रशासन और यात्रियों के लिए एडवाइजरी

मौसम विभाग ने भारी बर्फबारी की संभावना को देखते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं:

  1. मशीनरी की तैनाती: सरकार को सड़कों से बर्फ हटाने वाली ‘स्नो क्लीयरेंस मशीनें’ तैयार रखने की सलाह दी गई है।

  2. आवागमन: पहाड़ी रूटों पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि भारी हिमपात से रास्ते बंद हो सकते हैं।

  3. ऊंचाई वाले क्षेत्र: 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित गांवों और ट्रैकिंग रूट्स पर आवाजाही सीमित करने की चेतावनी दी गई है।

विशेषज्ञ की राय: मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर से उठने वाली नमी 23 जनवरी को उत्तर-पश्चिम भारत में चरम पर होगी, जिससे उत्तराखंड के ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती हवाएं बनेंगी।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad