बुजुर्ग से क्रूरता: पुत्रवधू और किराएदार ने रची हत्या की साजिश, गला दबाकर सड़क पर फेंका; कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज
रुद्रपुर (ट्रांजिट कैंप): ऊधम सिंह नगर जनपद के रुद्रपुर से रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में दाल-चावल का ठेला लगाने वाले एक 71 वर्षीय बेसहारा बुजुर्ग ने अपनी ही पुत्रवधू, दुकान के किराएदार और उसके एक साथी पर प्रताड़ना, जान से मारने की धमकी और गला दबाकर हत्या के प्रयास जैसे बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़ित बुजुर्ग की शिकायत पर स्थानीय पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर उन्होंने न्यायालय (कोर्ट) का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के कड़े आदेश के बाद ट्रांजिट कैंप पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
बेटे की मौत के बाद पुत्रवधू और किराएदार में बढ़ीं नजदीकियां
न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, पीड़ित बुजुर्ग के दो बेटे थे, जिनमें से छोटे बेटे की वर्ष 2023 में मृत्यु हो गई थी, जबकि बड़ा बेटा अपने परिवार के साथ अलग रहता है। बुजुर्ग के मकान के निचले हिस्से में मूल रूप से एक व्यक्ति ने किराए पर दुकान लेकर ई-रिक्शा एजेंसी खोल रखी थी। आरोप है कि छोटे बेटे की मौत के बाद बुजुर्ग की पुत्रवधू और उस ई-रिक्शा एजेंसी संचालक के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। इसके बाद किराएदार ने दुकान का किराया देना बंद कर दिया और दोनों मिलकर बुजुर्ग को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। इसी बीच घर में एक इंश्योरेंस एजेंट (बीमा कर्मी) का भी आना-जाना शुरू हो गया और ये तीनों मिलकर बुजुर्ग को उनके ही घर से बेदखल करने की साजिश रचने लगे।
किराया मांगने पर मिली जहर देने की धमकी
बुजुर्ग का आरोप है कि जब उन्होंने ई-रिक्शा एजेंसी संचालक से दुकान खाली करने या बकाया किराया देने को कहा, तो उसने साफ धमकी दी कि यदि दोबारा किराया मांगा तो वह उनकी बहू से कहकर उनके खाने में जहर मिलवा देगा। जब पीड़ित ने इस बात की शिकायत किराएदार के पिता से की, तो उसने भी बुजुर्ग को सरेआम गोली मारने की धमकी दे डाली।
गला दबाकर सड़क पर फेंका, मरा समझकर छोड़ा
प्रार्थना पत्र में बुजुर्ग ने बीती 8 मार्च की रात की एक खौफनाक दास्तां बयां की है। उन्होंने आरोप लगाया कि 8 मार्च की रात को उनकी बहू, किराएदार और उसका बीमा कर्मी साथी अचानक उनके कमरे में घुस आए और उन पर जानलेवा हमला कर दिया। तीनों ने मिलकर बुजुर्ग का गला दबाकर उन्हें जान से मारने की कोशिश की, जिससे वह अचेत (बेहोश) हो गए। आरोपियों ने उन्हें मृत समझ लिया और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से रात के अंधेरे में उन्हें सड़क किनारे फेंक कर फरार हो गए। जब सुबह बुजुर्ग को होश आया, तो उन्होंने खुद को बदहवास हालत में सड़क पर पड़ा पाया।
एसएसपी (SSP) स्तर पर सुनवाई न होने पर ली कोर्ट की शरण
पीड़ित बुजुर्ग ने बताया कि वे एक वरिष्ठ नागरिक हैं और ठेला लगाकर किसी तरह अपना जीवन यापन कर रहे हैं। इस जानलेवा हमले के बाद उन्होंने ट्रांजिट कैंप थाने से लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय तक न्याय की गुहार लगाई थी, लेकिन रसूखदारों के दबाव में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हार मानकर उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
मामले की जानकारी देते हुए ट्रांजिट कैंप कोतवाली के उप निरीक्षक (SI) महेश कांडपाल ने बताया कि माननीय न्यायालय के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से विवेचना कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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