पिथौरागढ़: देवभूमि में फिर डोली धरती; 3.5 तीव्रता के भूकंप से सहमे लोग, रिक्टर स्केल पर नेकल धुरा रहा केंद्र बिंदु

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पिथौरागढ़। हिमालयी राज्य उत्तराखंड में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इस बार सीमांत जिले पिथौरागढ़ की धरती अचानक कांप उठी, जिससे स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। गनीमत यह रही कि इस भूकम्प से किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है, जिससे प्रशासन और आम जनता ने राहत की सांस ली है।

10 किलोमीटर गहराई में था भूकंप का केंद्र

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 6 नवंबर को शाम 7 बजकर 50 मिनट पर पिथौरागढ़ जिले में यह भूकंप दर्ज किया गया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मैग्नीट्यूड मापी गई, जबकि इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित ‘नेकल धुरा’ था।
अचानक धरती हिलने और कंपन महसूस होते ही घरों और दफ्तरों में मौजूद लोग घबरा गए। लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर भागे और एक-दूसरे को फोन करके भूकंप की जानकारी जुटाने लगे। हालांकि, शुरुआती आकलन में जिले के किसी भी हिस्से से किसी प्रकार के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।

भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है उत्तराखंड

गौरतलब है कि उत्तराखंड एक पूर्णतः हिमालयी राज्य होने के कारण भूकंपीय गतिविधियों के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील जोन में आता है। यहां अक्सर अंतराल पर छोटे-बड़े भूकंप के झटके आते रहते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप की संवेदनशीलता को देखते हुए पहले उत्तराखंड को जोन-4 और जोन-5 के दायरे में रखा गया था। हालांकि, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा देश के भू-जोखिम मानचित्र में किए गए बदलावों के तहत अब उत्तराखंड जैसे पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक और भूगर्भीय स्थिति को देखते हुए इसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रों में शुमार किया जाता है, जिसके चलते यहां लगातार सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।
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