
महादेव कॉलोनी में खेलते-खेलते पानी से भरे प्लॉट में उतरे छह वर्षीय बच्चे, आधे घंटे बाद चली जानकारी तो मचा हड़कंप, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
राजू अनेजा,काशीपुर। शहर की महादेव कॉलोनी में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। पानी से लबालब भरे एक खाली प्लॉट में नहाने उतरे दो छह वर्षीय मासूमों की डूबने से मौत हो गई। बच्चों के शव पानी में उतराने के बाद लोगों की नजर पड़ी तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दोनों को उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
खेलते-खेलते पहुंच गए पानी से भरे प्लॉट में
जानकारी के अनुसार, महादेव कॉलोनी में रहने वाले छह वर्षीय मयंक पुत्र नन्हे और देव पुत्र राजेंद्र कश्यप आसपास खेल रहे थे। भीषण गर्मी के चलते दोनों बच्चे पास के खाली प्लॉट में भरे पानी में नहाने के लिए उतर गए। गहराई का अंदाजा नहीं होने से दोनों डूब गए। करीब आधे घंटे तक किसी को घटना की भनक तक नहीं लगी।
शव उतराया तो खुला हादसे का राज
दोपहर करीब दो बजे किसी स्थानीय व्यक्ति ने बच्चों के पानी में डूबने की सूचना तहसील प्रशासन को दी। मौके पर तहसीलदार पंकज चंदोला, नगर निगम की टीम और स्थानीय लोग पहुंचे। एक बच्चे का शव पानी के ऊपर उतराने लगा तो लोगों को हादसे की जानकारी हुई। इसके बाद दोनों बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
200 मीटर दूर रहते थे दोनों परिवार
मयंक का परिवार महादेव कॉलोनी में बड़े गुरुद्वारे के पीछे रहता था, जबकि देव के पिता राजेंद्र कश्यप का परिवार अर्जुन कश्यप के मकान में किराए पर रह रहा था। उनका मूल निवास रामपुर जिले के थाना सवार क्षेत्र के अली नगिर जागीर गांव में है। दोनों परिवार घटना स्थल से लगभग 200 मीटर की दूरी पर रहते हैं और मजदूरी व छोटे-मोटे रोजगार से परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
मासूमों की मौत से मचा कोहराम
दोनों बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिवारों में चीख-पुकार मच गई। पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया। घटना के बाद नगर निगम की टीम बुलडोजर और मशीनों की मदद से खाली प्लॉट में भरे पानी की निकासी कराने में जुट गई, ताकि भविष्य में इस तरह का हादसा दोबारा न हो।
बड़ा सवाल
आखिर रिहायशी इलाके में पानी से लबालब भरे ऐसे खुले प्लॉट कब तक मासूमों की जान लेते रहेंगे? समय रहते सुरक्षा के इंतजाम और पानी की निकासी होती तो शायद दो मासूमों की जिंदगी बचाई जा सकती थी।
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