सेप्टिक टैंक में दम घुटने से इंजीनियर और मिस्त्री की मौत

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चंपावत: डॉ. अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में एक निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोलते समय दम घुटने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में कार्यदायी संस्था का एक इंजीनियर और एक मिस्त्री शामिल है। रेस्क्यू टीम ने दोनों को अचेत अवस्था में टैंक से बाहर निकाला और अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


 

कैसे हुआ हादसा?

 

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यह घटना रविवार दोपहर टनकपुर के छीनीगोठ स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में हुई। महिला छात्रावास के लिए बनाए जा रहे 10 फीट गहरे सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोली जा रही थी। इस दौरान मिस्त्री हसन (24) टैंक के अंदर गया, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। उसे बचाने के लिए इंजीनियर शिवराज चौहान (28) भी टैंक में कूद गए, लेकिन वे भी बाहर नहीं आए। इसके बाद वहाँ मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और तत्काल पुलिस व रेस्क्यू टीमों को सूचना दी गई।

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दम घुटने से हुई मौत की आशंका

 

सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुँचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकालकर उपजिला चिकित्सालय पहुँचाया गया। अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. घनश्याम तिवारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत का कारण दम घुटना प्रतीत होता है। पुलिस ने दोनों के परिजनों को सूचित कर दिया है, जिनकी मौजूदगी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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