हल्द्वानी: संघर्षों की कोख से उपजी सफलता; पिता ने मजदूरी कर पढ़ाया, बेटे शोभित ने 10वीं में हासिल किए 95.4% अंक

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हल्द्वानी के करायल जौलासाल क्षेत्र से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो अभाव भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकते। अटल उत्कृष्ट विद्यालय (GIC), फूलचौड़ के छात्र शोभित दुर्गापाल ने सीबीएसई 10वीं की परीक्षा में 95.4% अंक प्राप्त कर एक मिसाल पेश की है।

यहाँ शोभित के संघर्ष और उनकी शानदार सफलता की मुख्य बातें दी गई हैं:

हल्द्वानी (17 अप्रैल 2026): शोभित की यह कामयाबी केवल उनके अंकों की कहानी नहीं है, बल्कि उनके पिता ललित दुर्गापाल के अटूट संघर्ष और बेटे के दृढ़ संकल्प का परिणाम है।

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1. पिता का त्याग और संघर्ष

शोभित के पिता ललित दुर्गापाल ने अपने बेटे की शिक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश की:

  • बहुमुखी संघर्ष: उन्होंने कैटरिंग के काम से लेकर भवन निर्माण में ठेकेदारी और कई जगहों पर निजी नौकरियां कीं।

  • बीमारी और चुनौतियां: परीक्षा से ठीक पहले पिता की तबीयत खराब हुई और नौकरी भी छूट गई, लेकिन उन्होंने शोभित का हौसला कम नहीं होने दिया।

2. बिना ट्यूशन, इंटरनेट बना ‘गुरु’

आज के दौर में जहाँ कोचिंग का बोलबाला है, शोभित ने एक अलग रास्ता चुना:

  • सेल्फ स्टडी: उन्होंने किसी भी बाहरी ट्यूशन की मदद नहीं ली।

  • YouTube का सही उपयोग: शोभित ने यूट्यूब को केवल मनोरंजन का साधन नहीं बनाया, बल्कि वहां से विज्ञान और गणित के जटिल विषयों को समझा।

  • ऑनलाइन शिक्षा: उन्होंने स्कूल के शिक्षकों के मार्गदर्शन के साथ-साथ ऑनलाइन उपलब्ध संसाधनों का भरपूर लाभ उठाया।

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3. बहुमुखी प्रतिभा के धनी

शोभित केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी अव्वल रहे हैं:

  • विज्ञान और संस्कृति: राज्य स्तरीय विज्ञान सेमिनार और भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

  • पुरस्कार: यूसीसी (UCC) की रील प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उन्हें जिलाधिकारी एल.एम. रयाल और मेयर गजराज बिष्ट द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

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4. भविष्य का लक्ष्य

शोभित अब अपनी इस सफलता को आगे ले जाते हुए इंजीनियर बनना चाहते हैं। उनका सपना शोध (Research) के क्षेत्र में जाकर देश के लिए कुछ विशेष योगदान देने का है।