कुमाऊं को डबल ट्रैक का तोहफा: तीन रेलखंडों पर सर्वे मंजूर, अब दौड़ेगी विकास की डबल इंजन वाली ट्रेन

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राजू अनेजा,काशीपुर। कुमाऊं के रेल नेटवर्क को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रेलवे बोर्ड ने तीन अहम रेलखंडों के डबल ट्रैक के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दे दी है। यह फैसला आने वाले समय में न सिर्फ ट्रेनों की आवाजाही को सुगम बनाएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी नई गति देगा।
सबसे पहले लालकुआं से काठगोदाम के बीच 22 किलोमीटर रेलखंड के डबल लेन सर्वे को स्वीकृति मिली है। यह रूट कुमाऊं के पर्यटन और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। नैनीताल समेत आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच का यही मुख्य रेल मार्ग है। डबल ट्रैक बनने से ट्रेनों की आवाजाही में तेजी आएगी और यात्रियों को राहत मिलेगी। इस सर्वे पर करीब 0.53 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
वहीं लालकुआं से रामपुर के बीच 66 किलोमीटर रेलखंड का भी डबल लाइन सर्वे मंजूर किया गया है। यह मार्ग उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच यात्री और माल परिवहन का प्रमुख कॉरिडोर है, जहां फिलहाल ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है, जिससे देरी आम बात है। डबल ट्रैक बनने से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इस सर्वे के लिए 1.58 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसी कड़ी में भोजीपुरा से लालकुआं के बीच 65 किलोमीटर रेलखंड का भी डबल लेन सर्वे कराया जाएगा। यह रूट बरेली और कुमाऊं क्षेत्र के बीच अहम कनेक्टिविटी प्रदान करता है और औद्योगिक गतिविधियों के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। इस सर्वे पर 1.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इन तीनों परियोजनाओं का सर्वे पूरा होने के बाद निर्माण कार्य की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जाएंगे। इज्जतनगर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक संजीव शर्मा ने बताया कि इन योजनाओं के लागू होने से आने वाले वर्षों में पूरे क्षेत्र की रेल क्षमता और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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डबल ट्रैक बनने से ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, समय की बचत होगी और माल ढुलाई तेज होगी। इसका सीधा फायदा कुमाऊं के पर्यटन उद्योग, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा।
कुल मिलाकर:
यह सिर्फ सर्वे नहीं, बल्कि कुमाऊं में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े बदलाव की शुरुआत है—जिसका असर आने वाले समय में हर वर्ग तक दिखाई देगा।

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