उत्तराखंड की मशहूर लोक गायिका रिंकू राणा का सड़क हादसे में निधन; नया सॉन्ग लॉन्च करने के अगले ही दिन थमीं सांसें
नानकमत्ता (5 मार्च 2026): थारू जनजाति की सुप्रसिद्ध आवाज और लोक संस्कृति की संवाहिका रिंकू राणा अब हमारे बीच नहीं रहीं। बुधवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया। यह विडंबना ही है कि जिस होली के गीतों से वह लोगों को खुशियाँ बांटती थीं, उसी पर्व के दौरान उनके घर में मातम छा गया।
हादसा: ट्रैक्टर-ट्राली से हुई भिड़ंत
घटना के अनुसार, ग्राम कल्याणपुर नोगजा निवासी रिंकू राणा अपनी भतीजी जिया राणा के साथ स्कूटी से सिसौना (सितारगंज) गई थीं।
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स्थान: घर लौटते समय नानकमत्ता क्षेत्र के बिछपुरी के पास उनकी स्कूटी की टक्कर एक अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्राली से हो गई।
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दुखद अंत: हादसे में रिंकू राणा को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुँचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एक दिन पहले ही रिलीज हुआ था नया गाना
रिंकू राणा के करियर और उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि:
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आखिरी सॉन्ग: निधन से ठीक एक दिन पहले ही उन्होंने अपना नया गाना लॉन्च किया था, जिसे सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही थी।
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होली की पहचान: थारू समाज में होली और जागरण कार्यक्रमों की रौनक रिंकू राणा की आवाज के बिना अधूरी मानी जाती थी। हाल ही में उन्होंने कई होली मिलन कार्यक्रमों में अपनी शानदार प्रस्तुति दी थी।
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व्यापक प्रभाव: खटीमा, नानकमत्ता से लेकर उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों तक उनके हजारों प्रशंसक हैं।
समाज और राजनीति जगत में शोक
उनके निधन पर थारू जनजाति समाज के दिग्गजों और क्षेत्रीय नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। विधायक गोपाल सिंह राणा, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने इसे जनजाति समाज की ‘अपूरणीय क्षति’ बताया है।
रिंकू राणा: एक नजर में (Quick Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| नाम | रिंकू राणा (निवासी: कल्याणपुर नोगजा) |
| पहचान | मशहूर थारू जनजाति लोक गायिका |
| दुर्घटना का कारण | स्कूटी और ट्रैक्टर-ट्राली की टक्कर |
| परिवार | पति (महेश राणा) और एक बेटा |
| क्षेत्रीय प्रभाव | खटीमा, नानकमत्ता, सितारगंज, और यूपी के तराई क्षेत्र |

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