हल्द्वानी (नैनीताल), 26 जून 2026: देश में आपातकाल (Emergency) लागू होने की बरसी के अवसर पर आज उत्तराखंड में सियासी पारा पूरी तरह गरमाया रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस ऐतिहासिक दिन को प्रदेश भर में ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाते हुए कांग्रेस की नीतियों पर तीखे विधिक व राजनैतिक प्रहार किए, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इसे भाजपा का ‘राजनैतिक पाखंड’ और इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया। इन तीखे सियासी बयानों के बीच, हल्द्वानी स्थित भाजपा संभाग कार्यालय में आपातकाल के विरोध में संघर्ष करने वाले वीर लोकतंत्र रक्षकों के सम्मान में एक भव्य ‘लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया।
शॉल व स्मृति चिह्न भेंट कर किया सम्मान; सेनानियों ने बयां की जेल की क्रूरता
इस गरिमामयी समारोह की विधिक अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में कालाढूंगी के वरिष्ठ विधायक बंशीधर भगत और विशिष्ट अतिथि के रूप में लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान मंचासीन अतिथियों ने देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जेल जाने वाले व कड़ा संघर्ष करने वाले वृद्ध लोकतंत्र सेनानियों को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर विधिक रूप से सम्मानित किया। इस भावुक क्षण में सम्मानित सेनानियों ने वर्ष १९७५ में देश पर थोपे गए आपातकाल के दौरान तत्कालीन शासन द्वारा जेलों में ढाए गए कड़े अत्याचारों, मानवाधिकारों के हनन और क्रूरता का आंखों देखा रोंगटे खड़े कर देने वाला विवरण साझा किया। सेनानियों के जीवंत संघर्ष की गाथा सुनकर कार्यक्रम में मौजूद युवा कार्यकर्ताओं की आंखें नम हो गईं।
समारोह के मुख्य विधिक व राजनैतिक बिंदु
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने तत्कालीन राजनैतिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदु जनता के सम्मुख रखे:
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क्रूरता का पर्दाफाश: वरिष्ठ नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि आज से ५१ वर्ष पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा लगाया गया आपातकाल स्वतंत्र भारत के राजनैतिक इतिहास का सबसे काला और क्रूर अध्याय था, जिसने देश के लोकतंत्र और पवित्र संविधान की मूल आत्मा की हत्या करने का प्रयास किया था।
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जनतंत्र विरोधी नीतियां: समारोह में उपस्थित भारी जनसमूह के समक्ष कांग्रेस की जनतंत्र विरोधी, तानाशाही और अलोकतांत्रिक नीतियों की विधिक व तार्किक रूप से कड़ी आलोचना की गई।
सेनानियों के अदम्य साहस से बची देश की जम्हूरियत: बंशीधर भगत
मुख्य अतिथि व पूर्व कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत और जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट ने संयुक्त रूप से लोकतंत्र सेनानियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि इन वीर सेनानियों के अदम्य साहस, जेल की यातनाओं को सहने और डटकर मुकाबला करने के कारण ही देश में जनतंत्र की पुनर्स्थापना विधिक रूप से संभव हो सकी। नेताओं ने युवा पीढ़ी से इन सेनानियों के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। इस पावन व ऐतिहासिक अवसर पर भारी संख्या में भाजपा के प्रांतीय व जिला पदाधिकारी, विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष, वरिष्ठ कार्यकर्ता और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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