हल्द्वानी: देवरानी ने इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बना जेठानी और नाबालिग भतीजी के अश्लील वीडियो किए पोस्ट; कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज
हल्द्वानी (नैनीताल), 24 जून 2026: हल्द्वानी के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत तीनपानी इलाके से पारिवारिक प्रतिशोध और साइबर अपराध का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला ने अपनी गाजियाबाद निवासी देवरानी पर इंस्टाग्राम (Instagram) पर फर्जी आईडी बनाकर उसकी और उसकी नाबालिग बेटी की तस्वीरों व वीडियो के साथ अश्लील सामग्री प्रसारित करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने पर पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। अब कोर्ट के कड़े आदेश के बाद हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने नामजद प्राथमिकी पंजीकृत कर मामले की विधिक जांच शुरू कर दी है।
भतीजी और जेठानी के नाम से बनाई फेक आईडी; जोड़े अश्लील गाने
न्यायालय में सौंपे गए विधिक प्रार्थना पत्र के अनुसार, तीनपानी निवासी पीड़िता का अपनी गाजियाबाद रहने वाली देवरानी के साथ लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा है। आरोप है कि इस रंजिश के तहत देवरानी ने अपनी जेठानी और सगी नाबालिग भतीजी के नाम का विधिक व व्यावहारिक दुरुपयोग करते हुए इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल (Fake ID) तैयार की।
पीड़िता का आरोप है कि इस सोशल मीडिया आईडी पर उनकी पारिवारिक तस्वीरों और वीडियो को अपलोड किया गया। साथ ही, उन वीडियो में अश्लील गाने, भद्दे विजुअल्स और आपत्तिजनक व मानहानिकारक टिप्पणियां जोड़कर उन्हें सार्वजनिक रूप से प्रसारित किया गया, जिससे समाज में उनके परिवार की प्रतिष्ठा को भारी ठेस पहुंची है।
विरोध करने पर ईंट से हमला और जान से मारने की विधिक धमकी
पीड़िता ने अदालत को बताया कि जब उसने इस घिनौने साइबर उत्पीड़न का विरोध किया, तो विवाद और अधिक बढ़ गया:
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धमकी और उत्पीड़न: आरोप है कि देवरानी और उसकी सास ने पीड़िता को मोबाइल फोन पर लगातार कॉल कर जान से मारने और सड़क दुर्घटना में उड़ा देने की गंभीर विधिक धमकी दी।
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घर में घुसकर हमला: प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इसी वर्ष ३ जनवरी २०२६ को देवरानी ने जबरन उनके घर में घुसकर ईंट-पत्थरों से हमला किया था और पीड़िता को गंभीर रूप से घायल करने का प्रयास किया था।
पुलिस की निष्क्रियता पर खटखटाया अदालत का दरवाजा; अब जांच शुरू
पीड़िता का विधिक आरोप है कि इस गंभीर उत्पीड़न और साइबर क्राइम को लेकर उसने स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारियों से कई बार लिखित शिकायत कर विधिक सुरक्षा की गुहार लगाई थी, परंतु पुलिस स्तर से कोई ठोस वैधानिक कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। थक-हारकर पीड़िता को विधिक न्याय के लिए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता और नाबालिग बच्ची के उत्पीड़न को देखते हुए पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज करने के विधिक निर्देश जारी किए। हल्द्वानी के कार्यवाहक कोतवाल/एसएचओ (SHO) विजय मेहता ने मामले की विधिक प्रगति स्पष्ट करते हुए बताया:
“माननीय न्यायालय के विधिक आदेश के अनुपालन में आरोपी देवरानी और सास के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भादंवि की सुसंगत विधिक धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। साइबर सेल की मदद से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी के आईपी एड्रेस (IP Address) और मोबाइल नंबरों की विधिक जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी सहित सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
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