डॉ. इंदिरा हृदयेश की पांचवीं पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि: वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हेमवती नंदन दुर्गापाल ने ‘विकास की देवी’ और ‘आयरन लेडी’ कहकर किया नमन; हल्द्वानी के आधुनिक स्वरूप में योगदान को किया याद

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हल्द्वानी/उत्तराखंड: उत्तराखंड की राजनीति में अद्वितीय व कद्दावर विधिक पहचान रखने वालीं पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्वर्गीय डॉ. इंदिरा हृदयेश की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर समूचे राज्य में उन्हें भावभीनी विधिक श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कुमाऊं मंडल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता हेमवती नंदन दुर्गापाल ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए जनसेवा, संसदीय कार्यप्रणाली और उत्तराखंड के बुनियादी विकास में उनके ऐतिहासिक व अतुलनीय योगदान को याद किया। उन्होंने डॉ. हृदयेश को “विकास की देवी” और “आयरन लेडी” जैसी विधिक व जनप्रिय उपाधियों से नवाजते हुए नमन किया।

विपक्ष में प्रखरता और सत्ता में विकास की झड़ी; दूरदर्शिता की मिसाल थीं डॉ. हृदयेश

वरिष्ठ नेता हेमवती नंदन दुर्गापाल ने श्रद्धा सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की विधिक व विधायी राजनीति में डॉ. इंदिरा हृदयेश का कद सचमुच असाधारण था।

  • आधुनिक हल्द्वानी की निर्माता: कुमाऊं और विशेषकर हल्द्वानी को शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और आधुनिक बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के मामले में एक सुदृढ़ मॉडल शहर के रूप में स्थापित करने का मुख्य विधिक श्रेय डॉ. हृदयेश की दूरदर्शिता को ही जाता है।

  • अद्भुत नेतृत्व क्षमता: वह उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) और राज्य सरकार में संसदीय कार्य एवं वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री जैसे सर्वोच्च विधिक पदों पर रहीं। विपक्ष में रहते हुए जनहित के विधिक मुद्दों को प्रखरता से सदन में रखना और सत्ता में रहते हुए रिकॉर्ड विकास कार्यों की झड़ी लगा देना उनकी एक विशिष्ट और अमिट पहचान थी।

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संविधान का गहरा ज्ञान और जनता से अटूट जुड़ाव

श्रद्धांजलि सभा के दौरान वक्ताओं ने डॉ. इंदिरा हृदयेश के विधिक ज्ञान और विधायी कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्हें भारतीय संविधान और विधायी नियमों का इतना गहरा विधिक ज्ञान था कि सत्ता पक्ष के मुख्यमंत्री व मंत्री भी सदन के भीतर उनकी विधिक दलीलों और ज्ञान का लोहा मानते थे। एक सशक्त विधिक वक्ता होने के साथ-साथ उनका कार्यालय हमेशा समाज के सबसे गरीब और आम नागरिक की समस्याओं के विधिक निस्तारण के लिए चौबीसों घंटे खुला रहता था।

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‘विकास की देवी अमर रहें’ के नारों से गूंजा परिसर; आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत

श्रद्धांजलि सभा में शामिल कांग्रेसी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने डॉ. इंदिरा हृदयेश के विचारों, सिद्धांतों और विधिक विकासपरक सोच को आगे बढ़ाने का सामूहिक विधिक संकल्प लिया। परिसर “विकास की देवी अमर रहें” के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।

हेमवती नंदन दुर्गापाल ने भावुक शब्दों में अपनी विधिक श्रद्धांजलि को विराम देते हुए कहा:

“स्वर्गीय डॉ. इंदिरा हृदयेश जी के संघर्ष, दृढ़ नेतृत्व और जनता के प्रति उनके निस्वार्थ समर्पण को उत्तराखंड के इतिहास में हमेशा सुनहरे अक्षरों में याद रखा जाएगा। उनका संपूर्ण राजनीतिक जीवन और जनहित से जुड़े ऐतिहासिक कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव एक विधिक प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक की भूमिका निभाते रहेंगे।”

इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने भी ‘आयरन लेडी’ के तैलचित्र पर विधिक रूप से पुष्प चक्र अर्पित कर अपनी विनम्र संवेदनाएं प्रकट कीं।

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