उत्तराखंड में गर्मी का ‘मार्च मार्च’: देहरादून में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा; होली पर और चढ़ेगा पारा
देहरादून (2 मार्च 2026): देवभूमि में बसंत की विदाई से पहले ही ग्रीष्मकाल ने अपने कड़े तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। 1 मार्च को राजधानी देहरादून का अधिकतम तापमान 29.7°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6°C अधिक है। पिछले 10 वर्षों में मार्च के पहले दिन इतना अधिक तापमान कभी रिकॉर्ड नहीं किया गया था।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान: 6 मार्च तक राहत नहीं
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार, इस पूरे सप्ताह प्रदेश भर में मौसम शुष्क बना रहेगा:
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शुष्क मौसम: 6 मार्च तक बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे अधिकतम तापमान में 6 से 7°C तक की और बढ़ोतरी हो सकती है।
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पर्वतीय क्षेत्रों में बदलाव: 7 मार्च के बाद ही ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने या मौसम बिगड़ने की संभावना है।
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होली का मिजाज: होली (जो इस सप्ताह के अंत में है) पर आसमान पूरी तरह साफ रहेगा, जिससे लोग बिना किसी बाधा के त्योहार मना सकेंगे, हालांकि तेज धूप का सामना करना पड़ेगा।
रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के मुख्य कारण
मौसम वैज्ञानिकों ने इस अस्वाभाविक गर्मी के पीछे दो बड़े कारण बताए हैं:
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जलवायु परिवर्तन (Climate Change): मौसम के बदलते पैटर्न के कारण सर्दियां जल्दी खत्म हो रही हैं और गर्मियों का विस्तार हो रहा है।
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सूखा शीतकाल: इस साल जनवरी और फरवरी के महीनों में मैदानी और मध्यम ऊँचाई वाले क्षेत्रों में संतोषजनक बारिश नहीं हुई, जिससे जमीन की नमी खत्म हो गई और सूरज की किरणें सीधे तापमान बढ़ा रही हैं।
तापमान का तुलनात्मक विश्लेषण (Snapshot)
| मानक | विवरण |
| वर्तमान तापमान (देहरादून) | 29.7°C (1 मार्च) |
| सामान्य से अधिक | +6°C |
| 10 वर्षीय रिकॉर्ड | वर्ष 2026 में सबसे गर्म 1 मार्च दर्ज |
| आगामी अनुमान (3-4 मार्च) | मौसम पूरी तरह शुष्क, पारा और चढ़ने के आसार |
विशेषज्ञों की राय
जानकारों का मानना है कि यदि मार्च के पहले सप्ताह में तापमान 30°C के करीब पहुंच रहा है, तो अप्रैल और मई में स्थिति और भी विकट हो सकती है। लू (Loo) के जल्दी चलने की संभावनाओं को भी नकारा नहीं जा सकता।

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