गूलरभोज: रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे और दुकानों पर आज चल सकता है बुलडोजर; 15 प्रतिष्ठान निशाने पर, व्यापारियों में हड़कंप

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गूलरभोज (ऊधम सिंह नगर), 24 जून 2026: रेलवे विभाग की भूमि पर लीज (Lease) के तय विधिक मानकों का उल्लंघन कर किए गए अतिरिक्त अतिक्रमण और अनधिकृत रूप से संचालित हो रहे व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर आज रेलवे प्रशासन बड़ी विधिक कार्रवाई कर सकता है। इस संबंध में रेलवे के उच्चाधिकारियों ने स्थानीय पुलिस व जिला प्रशासन से कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासनिक सहयोग मांगा है। रेलवे की इस संभावित ‘बुलडोजर कार्रवाई’ की जद में आए १५ बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों को लेकर स्थानीय व्यापारियों में भारी हड़कंप और बेचैनी का माहौल है।

अभिलेखों की जांच में खुला था खेल; 7 दुकानों में मिला ज्यादा कब्जा

रेलवे भूमि पर हुए इस विधिक उल्लंघन का खुलासा हाल ही में हुए एक प्रशासनिक निरीक्षण में हुआ था। प्राप्त विधिक व विभागीय जानकारी के अनुसार:

  • अधिकारियों ने की थी नापजोख: बीते १६ जून २०२६ को रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (वर्क्स) अखिलेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने रेलवे की लीज पर आवंटित दुकानों की विधिक नापजोख (पैमाइश) की थी।

  • अवैध निर्माण और संचालन: इस जांच में सामने आया कि सात दुकानें ऐसी हैं, जिन्होंने आवंटित क्षेत्रफल से विधिक मानकों से कहीं अधिक भूमि पर पक्का या कच्चा अतिक्रमण कर रखा है। वहीं, इसके अतिरिक्त आठ दुकानें ऐसी पाई गईं, जो बिना किसी विधिक आवंटन या रेलवे की अनुमति के पूरी तरह अवैध रूप से रेलवे की बेशकीमती भूमि पर संचालित हो रही थीं।

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7 दिनों का नोटिस हुआ पूरा; रेलवे खुद कराएगा विधिक अतिक्रमण मुक्त

जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने कड़ा विधिक रुख अख्तियार किया था:

“सीनियर सेक्शन इंजीनियर अखिलेश कुमार ने सभी १५ चिन्हित दुकानदारों को विधिक नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर स्वयं अपना अवैध अतिक्रमण और दुकानें हटाने के सख्त निर्देश दिए थे। नोटिस की यह विधिक समयावधि अब पूरी हो चुकी है।”

रेलवे अधिकारियों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर दुकानदारों ने स्वेच्छा से अतिक्रमण नहीं हटाया, तो रेलवे का प्रवर्तन दस्ता भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ खुद मौके पर पहुंचकर विधिक रूप से जमीन को खाली कराएगा। इस कार्रवाई में होने वाले नुकसान और मलबे को हटाने के विधिक हर्जाने की जिम्मेदारी भी संबंधित पक्षों की होगी।

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व्यापारियों में बेचैनी; प्रशासन से सहयोग की अपील

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, बुधवार को होने वाली इस बड़ी विधिक ध्वस्तिकरण कार्रवाई के लिए रेलवे ने स्थानीय थानों और प्रशासनिक विंग से अतिरिक्त फोर्स की मांग की है, ताकि मौके पर किसी भी तरह के विरोध या कानून व्यवस्था की स्थिति से विधिक रूप से निपटा जा सके। दूसरी ओर, अचानक रोजगार छिनने और भारी आर्थिक नुकसान की आशंका से प्रभावित व्यवसायियों में हताशा है। कस्बे के अन्य व्यापारिक संगठनों में भी इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की विधिक व व्यावहारिक चर्चाएं चल रही हैं।

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