प्यार, इनकार, मंडप में जबरन रस्में और फिर कत्लेआम… आखिरकार पकड़ौआ शादी का हुआ खूनी अंजाम!

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एक लड़का और लड़की एक दूसरे से प्यार करते थे. ये बात लड़की के घरवालों को पता चल गई तो उन्होंने लड़के को उठाकर या यूं कहें कि अगवा करके उससे जबरन अपनी लड़की की शादी करा दी. लेकिन लड़के के घरवाले इस रिश्ते के लिए राजी नहीं थे.

लिहाजा, उन्होंने इस शादी को मंजूर नहीं किया. इस बात को डेढ़ साल बीत चुका था. अब लड़के के घर में एक शादी थी. इससे पहले कि उस शादी में विदाई होती, मंडप में तीन लाशें गिर चुकी थीं. ये खूनी कहानी आपके होश उड़ा देगी.

तस्वीर नंबर-1
बीपीएससी की परीक्षा पास कर गौतम ने अभी-अभी एक सरकारी स्कूल में टीचर की नौकरी पाई ही थी कि उसके साथ खेल हो गया. एक रोज़ स्कूल में कुछ लोग एक स्कॉर्पियो में सवार होकर दनदनाते हुए पहुंचे, क्लास से ही मास्टर जी को बंदूक के दम पर अगवा किया और जब तक पुलिस मास्टर जी को आजाद करवाती, सर जी एक से दो हो चुके थे. यानी उनका पकड़ौआ विवाह हो चुका था. मामला बिहार के हाजीपुर का है.

तस्वीर नंबर-2
पटना सिटी का बाहरी बेगमपुर इलाका. एक रोज़ दोपहर के वक़्त एक एनजीओ की टीम इस रिहायशी इलाके में पहुंची. एक नौजवान लड़के की तलाश करने लगी. जल्द ही उसके घर की पहचान हुई और फिर सबकी मौजूदगी में, पूरे पब्लिक व्यू के बीच लड़के को मोहल्ले के ही एक मंदिर में ले जाया गया और जबरन उसके हाथों एनजीओ की टीम के साथ आई एक लड़की की मांग में सिंदूर भरवा लिया गया. लड़के को डरा धमका कर जयमाल की परंपरा भी निभाई गई और इसी के साथ एक और पकड़ौआ विवाह संपन्न हो गया.

साल गुज़रे, सत्ता बदली. बिहार के सियासी जंगलराज का खात्मा हुआ तो कहने को सुशासन की बहार भी आ गई, लेकिन अगर बिहार में कुछ नहीं बदला, तो वो है. बिहार ये अजीब परंपरा, जिसने अब तक नामालूम कितने ही घरों को तबाह किया और आगे भी न जाने कितने घरों को बर्बाद करेगी?

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तस्वीर नंबर-3
अब इसी कड़ी में ये तस्वीर नंबर तीन देखिए. तस्वीरें बिहार के बेगूसराय जिले की हैं. साहेबपुर कमाल थाना इलाके के गांव गोविंदपुर की. वैसे तो ये तस्वीरें भी एक पकड़ौआ विवाह से जुड़ी हैं, लेकिन यहां पकड़ौआ विवाह का अंजाम ट्रिपल मर्डर की एक वारदात की सूरत में सामने आया है. एक ऐसी वारदात जिसमें सिर्फ साहेबपुर कमाल या बेगूसराय ही नहीं बल्कि पूरे बिहार के दहला दिया है. पकड़ौआ विवाह को सही साबित करने अपने बच्चों का घर बसाने की कोशिश में एक परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी गई है. और अब इस वारदात के बाद पुलिस को भी समझ नहीं आ रहा है कि आखिर वो हालात को काबू में करे, तो कैसे करें.

नीलू और हिमांशु की पकड़ौआ शादी
इस कहानी की शुरुआत होती है आज से कोई डेढ़ साल पहले. बेगसूराय के ही गांव श्रीनगर छर्रापट्टी के रहनेवाले एक परिवार ने इस रोज़ अपनी बेटी नीलू का पकड़ौआ विवाह पास के ही गांव गोविंदपुर के रहनेवाले एक लड़के हिमांशु यादव से करा दिया था. असल में हिमांशु यादव का नीलू के घर आना जाना था. और लड़का-लड़की दोनों एक दूसरे से प्यार भी करते थे. इसी कड़ी में लड़की के घरवालों ने हिमांशु को एक रोज अपनी बेटी के साथ देख लिया और फिर वही हुआ, जो बिहार में होता आया है. लड़की वालों ने हिमांशु को पकड़ा और जबरन उसकी शादी अपनी बेटी नीलू के साथ करा दी. लेकिन एक वो दिन था और एक आज का दिन, हिमांशु और उसके घरवालों ने कभी नीलू को अपने घर की बहू के तौर पर नहीं अपनाया और लड़की वाले लगातार हिमांशु के परिवार वालों पर दबाव बनाते रहे.

दोनों परिवारों के बीच पहले से थी रिश्तेदारी
असल में इस पकड़ौआ विवाह के पीछ एक और कहानी छुपी है. कहानी इसी हिमांशु और नीलू के परिवार से जुड़ी है. असल में हिमांशु के चचेरे भाई की शादी नीलू की बड़ी बहन के साथ हुई थी. यानी दोनों परिवारों में रिश्तेदारी थी. इसी रिश्तेदारी की बदौलत नीलू का हिमांशु के घर तो कभी हिमांशु का नीलू के घर आना-जाना लगा रहता था. लेकिन इसी आने-जाने के दौरान नीलू और हिमांशु एक दूसरे से प्यार करने लगे. लेकिन जब बात निभाने पर आई, तो हिमांशु पीछे हटने लगा, लेकिन नीलू के घरवालों ने अपनी बेटी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक रोज़ नीलू और हिमांशु की पकड़ौआ शादी करा दी. लेकिन हिमांशु और उसका परिवार इस रिश्ते को मानने के लिए कभी तैयार नहीं हुआ. वो भी तब, जब उनके परिवार में नीलू की बड़ी बहन बहू के तौर पर ब्याही थी.

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17 फरवरी 2024, शनिवार
गोविंदपुर गांव में हिमांशु के परिवार में इस रोज़ मांगलिक कार्य था. यानी हिमांशु के बड़े भाई सुधांशु की शादी हो रही थी. जब श्रीनगर छर्रापट्टी के रहनेवाली नीलू के घरवालों को इस बात की खबर मिली, तो उन्होंने सोचा कि अपनी बेटी का घर बसाने का यही सही मौका है. वो इस शुभ मुहुर्त पर अगर अपनी बेटी को बहू के तौर पर अपनाने की अर्जी लेकर हिमांशु के घरवालों से मिलेंगे, तो हिमांशु के घरवाले भी सामाजिक दबाव और लोक-लाज के चलते इस रिश्ते से मना नहीं कर सकेंगे. बस, यही सोच कर नीलू के पिता उमेश यादव, उसके भाई राजेश यादव और परिवार के दूसरे लोग 15 लाख रुपये दहेज के तौर पर लेकर हिमांशु के घर पहुंचे. वहां पहुंच कर हिमांशु के पिता संजय यादव से बात करने की कोशिश की. ताकि उन्हें इस बात के लिए राजी किया जाए कि वो नीलू को अपने घर की बहू के तौर पर स्वीकार कर लें.

मंडप में ट्रिपल मर्डर
लेकिन एक तो पकड़ौआ विवाह और दूसरा मांगलिक कार्य के मौके पर नीलू के घरवालों का इस तरह मौके पर आ धमकना. हिमांशु के पिता संजय यादव को ये बात सख्त नागवार गुजरती और बातचीत की कोशिश गरमा-गरमी में बदल गई. बस, इसके बाद तो शादी के मंडप में ही ऐसा बवाल मचा कि पूरा बिहार सन्नाटे में आ गया. संजय और उसके घर वालों ने मिल कर कथित तौर पर नीलू, उसके पिता और भाई को गोलियों से छलनी कर दिया. कातिलों ने जहां नीलू को 6 गोलियां मारीं वहीं, उसके पिता और भाई को 2-2 गोली. एक शादी वाले घर में हुई इस फायरिंग से पूरे इलाके में बवाल मच गया.

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तीनों मुख्य आरोपी फरार
जब श्रीनगर छर्रापट्टी के गांव के लोगों को उनके गांव के लोगों की मौत की खबर मिली, तो वो ना सिर्फ मौके पर पहुंचे, बल्कि उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कर दी. चश्मदीदों की मानें तो जब बात बिगड़ गई, तो हिमांशु के पिता संजय और उसके भाई सुधांशु ने फायरिंग शुरू कर दी, जबकि खुद हिमांशु बार-बार पिस्टल लोड कर अपने पिता और भाई को पकड़ता रहा. इस तरह एक शादी वाले घर में, जिसमें सैकड़ों लोग मौजूद थे, भयंकर गोलीबारी शुरू हो गई. और तो और इस फायरिंग में खुद हिमांशु और सुधांशु का एक छोटा भाई भी गोली लगने की वजह से जख्मी हो गया.

11 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा
पुलिस ने इस सिलसिले में 11 लोगों के खिलाफ नामज़द रिपोर्ट लिखी है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है. लेकिन कत्ल के तीनों मुख्य आरोपी फिलहाल फरार हैं. वारदात के बाद से नीलू के घर में मातम पसरा हुआ है. जो पिता और भाई अपनी बेटी का घर बसाने की कोशिश कर रहे थे, अब वे खुद भी इस दुनिया में नहीं रहे और ना ही नीलू बची.