विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर अपनी इहलीला की समाप्त ,परिजनों में मचा कोहराम

The married woman ended her life by consuming poisonous substances under suspicious circumstances, creating chaos in the family

खबर शेयर करें -

राजू अनेजा,काशीपुर। निकटवर्ती क्षेत्र ढकिया नंबर1 निवासी एक विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस में शव को  कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है, बताया जा रहा है विगत 7 महा पूर्व मृतका का विवाह हुआ था तथा वर्तमान में उसका पति विदेश में है।
 प्राप्त जानकारी के अनुसार कुंडेश्वरी निवासी संजीव राठी ने लगभग सात माह पूर्व अपनी 22 वर्षीय पुत्री शैली राठी का विवाह ढकिया नंबर एक कुंडेश्वरी निवासी रतन सिंह के पुत्र अनिल कुमार के साथ धूमधाम से किया था। अनिल राठी पिछले कुछ समय से इंग्लैंड में कार्यरत है। सूत्रों की मानें तो शादी के कुछ समय ठीक-ठाक बीते इसके बाद पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर मनमुटाव हो गया। मृतका शैली राठी पति के विदेश जाने के बाद पिछले कुछ माह से मायके में रह रही थी। बताया जा रहा है कि बीते सोमवार को किसी बात से क्षुब्ध होकर नव विवाहिता ने विषैला पदार्थ गटक लिया। परिजनों को जैसे ही इसका पता चला उन्होंने तत्काल नव विवाहिता को बेहद नाजुक हालत में उपचार के लिए मुरादाबाद रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां जीवन मृत्यु से संघर्ष करते हुए आज सुबह नव विवाहिता ने दम तोड़ दिया। पुलिस को मामले की जानकारी मिलने पर उसने मौके पर पहुंचकर मृतका के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया। अचानक घटी घटना को लेकर मृतका के परिवार में कोहराम बचा हुआ है है। विषैला पदार्थ खाकर दम तोड़ने वाली शैली राठी के पिता  संजीव कुमार भी पिछले कुछ समय से तंजानिया में कार्यरत हैं। मृतका का एक भाई है जो पंजाब के चंडीगढ़ में जॉब करता बताया जा रहा है। पुलिस द्वारा घटना की सूचना मृतका के मायके वालों को फोन द्वारा दे दी गई है।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 हमारे फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 हमारे टेलीग्राम चैनल से जुड़ें

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में मौसम का मिजाज: भीषण गर्मी के बीच अप्रैल में औसत से 18% अधिक बरसे बदरा, चंपावत रहा सबसे आगे