प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की सरकार फिर भी बाज ही आ रहे घोटालेबाज, उधमसिंह नगर में स्कूल ,कब्रिस्तान और एनएच और श्मशान घाट की भूमि पर उगा दिए धान

The government of zero tolerance in the state, yet the scamsters are coming, in Udham Singh Nagar, paddy was grown on the land of school, cemetery and NH and crematorium

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राजू अनेजा,उधम सिंह नगर। प्रदेश में भाजपा की जीरो टॉलरेंस की सरकार होने के बावजूद घोटाले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं उधम सिंह नगर में एक ऐसा  घोटाला सामने आया जहां अधिकारियों ने धान खरीद में बड़ा गोलमाल करने के लिए स्कूल ,कब्रिस्तान और एनएच और श्मशान घाट की भूमि पर धान की उगाई दर्शा दी।उपनिबंधक सहकारी समितियां के अनुरोध पर जिलाधिकारी की ओर से कराई गई जांच में इसकी पुष्टि हुई है।

उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में बड़े पैमाने पर धान खरीद घोटाला सामने आया है। मामला धान खरीद सत्र 2021-22 का है। यहां किसानों की ओर से ऐसी भूमि पर धान उगाना दर्शाया गया है, जिस पर पहले से स्कूल, कब्रिस्तान, एनएच-74 और शमशान घाट बने हैं।

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प्रदेश में समर्थन मूल्य योजना के तहत बीते वर्ष धान खरीद सत्र में क्रय एजेंसी उत्तराखंड सहकारिता संघ (यूसीएफ) के माध्यम से संचालित धान क्रय केंद्र नकटपुरा में मानक से अधिक तौल की गई। जिले के एक अकेले धान खरीद केंद्र नकटपुरा की जांच में 46 किसानों का 6520 कुंतल अतिरिक्त धान तौला गया है, जो वास्तव में कहीं उगाया ही नहीं गया। इसकी कीमत करीब एक करोड़ 27 लाख रुपये बैठती है।

जिले में वर्ष 2021-22 में ऐसे करीब 200 धान खरीद केंद्र थे, जिनकी जांच होनी बाकी है। अभी तक इनमें से उप निबंधक स्तर पर नौ सेंटरों की जांच की जा चुकी है। इनमें नौ सेंटरों में से जिला प्रशासन के स्तर पर एक सेंटर की जांच ही पूरी हो पाई है।

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एक हेक्टेयर भूमि पर करीब 60 कुंतल धान की पैदावार होती है। यहां करीब 108 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर धान उगाना दिखाया गया है। इस पर उप निबंधक सहकारी समितियां कुमाऊं मंडल की ओर से जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर को पत्र लिखकर संबंधित किसानों की राजस्व अभिलेखों में दर्ज कुल भूमि का सत्यापन कराया गया तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। किसानों की ओर से जिस भूमि पर यह धान उगाना दिखाया गया, वह भूमि राजस्व अभिलेखों में उनके नाम दर्ज ही नहीं है।

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सरकार के भू-लेख पोर्टल पर कतिपय किसानों की ओर से पोर्टल पर अपलोड की गई भूमि, जिसके आधार पर धान खरीद की गई है, ऐसी भूमि कब्रिस्तान, शमशान और स्कूल भवन दर्ज है।

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