उत्तराखंड में फिर एक्टिव हुआ मानसून: 7 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, चमोली में भूस्खलन से 10 ग्रामीण सड़कें ठप, नदियां उफान पर

देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर तेजी पकड़ ली है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार (11 सितंबर) को प्रदेश के सात प्रमुख जिलों—देहरादून, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही राज्य के सभी 13 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ तीव्र बौछारें पड़ने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश के चलते पहाड़ी जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है; चमोली जिले से प्राप्त प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, भारी भूस्खलन और मलबा आने से 10 संपर्क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गए हैं, जिन्हें खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग की जेसीबी मशीनें और आपदा प्रबंधन की टीमें मुस्तैदी से जुटी हुई हैं।
तीर्थयात्रियों और नदी किनारे रहने वालों के लिए अलर्ट जारी, मैदानों में भी बदलेगा मौसम
मौसम के इस आक्रामक मिजाज को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड पर है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी तथा बागेश्वर में सरयू व गोमती नदी के जलस्तर की निरंतर निगरानी की जा रही है। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं तथा पिथौरागढ़ के धारचूला-मुनस्यारी मार्ग पर आवाजाही करने वाले यात्रियों से मौसम का सटीक अपडेट लेकर ही यात्रा करने की अपील की गई है। कुमाऊं के नैनीताल और बागेश्वर जिलों में आकाशीय बिजली गिरने व तीव्र बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बादलों की गर्जना देखने को मिलेगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 और 13 सितंबर को भी उत्तरकाशी, बागेश्वर और देहरादून समेत कई हिस्सों में बारिश का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।

