मोटाहल्दू: मतदाता सत्यापन में लापरवाही का आरोप, बीएलओ पर घर-घर न जाकर पंचायत सदस्यों से काम कराने का दावा; एसडीएम से शिकायत

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लालकुआं (नैनीताल), 25 जून 2026: लालकुआं तहसील क्षेत्र के अंतर्गत मोटाहल्दू में चल रहे मतदाता सत्यापन अभियान (Voter Verification Drive) में गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्राम सूफी भगवानपुर निवासी अशोक कांडपाल ने इस संबंध में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) लालकुआं को एक लिखित विधिक शिकायती पत्र सौंपकर पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। आरोप है कि निर्वाचन आयोग (Election Commission) के सख्त दिशा-निर्देशों को दरकिनार कर सत्यापन कार्य में भारी औपचारिकताएं बरती जा रही हैं।

घर-घर जाने के बजाय निर्धारित स्थान पर बुलाने का आरोप; ग्रामीणों को दी जा रही धमकी

एसडीएम को सौंपी गई विधिक शिकायत के अनुसार, निर्वाचन आयोग का स्पष्ट नियम है कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) अनिवार्य रूप से घर-घर जाकर प्रत्येक मतदाता का भौतिक व विधिक सत्यापन करेंगे।

  • प्रक्रिया का उल्लंघन: शिकायतकर्ता का आरोप है कि मोटाहल्दू क्षेत्र के कई बूथों पर बीएलओ नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। वे ग्रामीणों के घर जाने के बजाय उन्हें स्वयं किसी निर्धारित स्थान पर दस्तावेज और विधिक जानकारी लेकर उपस्थित होने के लिए कह रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी व्यावहारिक असुविधा हो रही है।

  • तहसील के चक्कर काटने का डर: पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि जो ग्रामीण बीएलओ द्वारा तय स्थान पर नहीं पहुंच पा रहे हैं, उन्हें डराया जा रहा है कि यदि वे उपस्थित नहीं हुए तो उन्हें भविष्य में अपने मतदाता पहचान पत्र के विधिक कार्यों के लिए तहसील और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे।

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गैर-अधिकृत व्यक्तियों और पंचायत सदस्यों से काम कराने का गंभीर दावा

शिकायत पत्र में एक और बेहद चौंकाने वाला तथा गंभीर विधिक आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, कुछ स्थानों पर नियुक्त बीएलओ स्वयं मतदाता सत्यापन प्रपत्र (Verification Forms) भरने की अपनी आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। इसके बजाय वे स्थानीय ग्राम पंचायत सदस्यों अथवा अन्य गैर-अधिकृत (Unauthorised) निजी व्यक्तियों से यह महत्वपूर्ण विधिक कार्य करवा रहे हैं। इससे मतदाताओं की व्यक्तिगत व गोपनीय जानकारी गलत दर्ज होने तथा मतदाता सूची की शुचिता प्रभावित होने की प्रबल आशंका बनी हुई है।

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बीएलओ के दावों पर उठाए सवाल; निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

अशोक कांडपाल ने बीएलओ द्वारा दिए जा रहे उन तर्कों पर भी कड़ा विधिक सवाल उठाया है, जिसमें कुछ अधिकारियों ने दावा किया है कि वे ग्रामीणों के घर गए थे लेकिन दरवाजा नहीं खोला गया।

“शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों की सामाजिक व्यवस्था और पारंपरिक संस्कृति ऐसी है कि दिन के समय घरों के दरवाजे बंद मिलना व्यावहारिक और तार्किक रूप से संभव नहीं लगता। बिना वास्तविक धरातलीय सत्यापन के केवल कागजी औपचारिकताएं पूरी करना लोकतांत्रिक व्यवस्था और निर्वाचन प्रणाली की विश्वसनीयता को ठेस पहुंचाता है।”

पत्र के माध्यम से एसडीएम लालकुआं से पुरजोर मांग की गई है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी त्वरित विधिक जांच कराई जाए, संबंधित बीएलओ के कार्यों की समीक्षा (Review) हो और निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत घर-घर जाकर पारदर्शी ढंग से दोबारा सत्यापन कराया जाए। साथ ही, निर्धारित विधिक प्रक्रिया का उल्लंघन करने वाले लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाए।

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