ऋषिकेश को नए साल की बड़ी सौगात: ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला की जगह लेगा अत्याधुनिक ‘बजरंग सेतु’
ऋषिकेश: उत्तराखंड में नए साल की शुरुआत के साथ ही ऋषिकेश के लोगों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। गंगा नदी पर निर्माणाधीन अत्याधुनिक बजरंग सेतु को जल्द ही आम जनता के लिए खोलने की तैयारी अंतिम चरण में पहुँच गई है। यह पुल 1929 में बने ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला का स्थान लेगा।
📅 उद्घाटन की समय-सीमा
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लक्ष्य: लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के अनुसार, पुल का निर्माण कार्य 26 जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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अंतिम तिथि: मामूली तकनीकी देरी होने पर भी, बजरंग सेतु को जनवरी के अंत या फरवरी के पहले सप्ताह तक जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
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सुविधा: इसके शुरू होने से तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।
✨ पुल की मुख्य विशेषताएँ और निर्माण
| विशेषता | विवरण |
| लंबाई | लगभग 132 मीटर |
| लागत | लगभग 68 करोड़ रुपये |
| प्रकार | आधुनिक सस्पेंशन ब्रिज (झूला पुल) |
| आकर्षण का केंद्र | ग्लास डेक (Glass Deck), जो पर्यटकों को रोमांचक अनुभव देगा। |
| वर्तमान कार्य | पुल का मुख्य ढांचा और ग्लास डेक का कार्य पूरा। फाइबर रिइन्फोर्स्ड पॉलिमर (FRP) का कार्य चल रहा है, लगभग 1200 वर्ग मीटर FRP का काम शेष है। |
| जुड़े जिले | यह पुल प्रशासनिक तौर पर टिहरी और पौड़ी जिलों को जोड़ेगा। |
| सुरक्षा और सौंदर्य | पुल को आकर्षक बनाने के लिए रंग-बिरंगी लाइटिंग और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। |
🏞️ पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
वर्ष 2019 में सुरक्षा कारणों से ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला को जर्जर स्थिति के चलते बंद कर दिया गया था, जिसके बाद बजरंग सेतु के निर्माण की योजना बनाई गई। यह पुल उत्तराखंड का पहला आधुनिक ग्लास सस्पेंशन ब्रिज है, जिसे नई तकनीक का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है। इसके उद्घाटन से न सिर्फ यातायात को नई गति मिलेगी, बल्कि ऋषिकेश की पर्यटन छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की भी उम्मीद है।

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