प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति अध्यक्ष शिवम द्विवेदी: “योग सनातन संस्कृति की पहचान, विश्व भर में बढ़ा इसका महत्व”

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हरदोई: प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति के अध्यक्ष शिवम द्विवेदी ने कहा है कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि आत्मबोध की एक गहरी प्रक्रिया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि योग मन को स्थिरता, धैर्य और संतुलन प्रदान करता है।

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श्री द्विवेदी के अनुसार, योग चेतना की उन गहराइयों तक पहुँचने का माध्यम है जहाँ से जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण, सृजनशीलता और सशक्तिकरण की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति का मूल स्तंभ योग ही है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है। यही वजह है कि योग अब दुनिया के करोड़ों लोगों की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। इसके माध्यम से भारतीय जीवनशैली ने वैश्विक मंच पर अपनी पहचान और स्थान मजबूत किया है।

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क्या आप योग के कुछ प्रमुख लाभों के बारे में जानना चाहेंगे?


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