उत्तराखंड में नर्सिंग और पैरामेडिकल दाखिले के नियम बदले; अब निजी कॉलेजों की हर सीट पर लिखित परीक्षा से होगा एडमिशन
देहरादून: उत्तराखंड में नर्सिंग और पैरामेडिकल के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब प्रदेश के निजी नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों की सभी सीटों पर दाखिला केवल लिखित परीक्षा और काउंसलिंग के जरिए ही होगा। सरकार ने पूर्व में चली आ रही उस व्यवस्था को खत्म कर दिया है, जिसके तहत 50 फीसदी सीटें कॉलेज प्रबंधन या एसोसिएशन द्वारा सीधे भरी जाती थीं। इस फैसले से प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता आने और मेधावी छात्रों को समान अवसर मिलने की उम्मीद है।
50% कोटा खत्म, अब ‘इंडियन नर्सिंग काउंसिल’ के नियमों से होंगे दाखिले
अब तक की व्यवस्था के अनुसार, निजी संस्थानों की आधी सीटें राज्य स्तरीय परीक्षा से और बाकी 50 फीसदी सीटें कॉलेज एसोसिएशन अपने स्तर पर भरती थी। इस दोहरी व्यवस्था को लेकर अक्सर सवाल उठते थे। अब राज्य सरकार ने ‘इंडियन नर्सिंग काउंसिल’ (INC) के मानकों और राज्य के एक्ट का हवाला देते हुए पूरी दाखिला प्रक्रिया को केंद्रीकृत कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत, सभी सीटों के लिए पहले लिखित परीक्षा होगी और फिर एचएनबी (HNB) मेडिकल विश्वविद्यालय द्वारा काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। यदि काउंसलिंग के बाद भी सीटें खाली रहती हैं, तो उन्हें 12वीं की मेरिट के आधार पर भरा जाएगा।
13 और 14 जून को आयोजित होंगी प्रवेश परीक्षाएं
स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव कृष्ण कुमार शुक्ला द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रवेश परीक्षाओं का विस्तृत शेड्यूल भी घोषित कर दिया गया है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 15 मई से शुरू होकर 5 जून तक चलेगी। परीक्षा कार्यक्रम के तहत:
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13 जून: बीएससी नर्सिंग, जीएनएम और पोस्ट बेसिक नर्सिंग की परीक्षा।
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14 जून: एएनएम, एमएससी नर्सिंग, बीएससी पैरामेडिकल और एमएससी पैरामेडिकल कोर्सों की परीक्षा।
प्रदेश में नर्सिंग और पैरामेडिकल की लगभग 15 हजार सीटें हैं, जिन पर अब पूरी तरह पारदर्शी तरीके से योग्य छात्रों का चयन सुनिश्चित किया जाएगा।
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