मां-बेटे की हत्या… बेटी से शादी कर डेढ़ करोड़ की संपत्ति हड़पने का था प्लान, तांत्रिक समेत 4 गिरफ्तार

खबर शेयर करें -

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में पुलिस ने डबल मर्डर केस का सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस ने घटना में शामिल तांत्रिक व उसके बहनोई सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. साथ ही घटना में इस्तेमाल आलाकत्ल व तीन बाइक भी बरामद कर लिया है.

पुलिस के मुताबिक सीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स और उसका बेटा अचानक लापता हो गए थे. जिसके बाद मृतका की बेटी ने थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस ने लापता मां-बेटे की तलाश के लिए टीमें गठित कर तफ्तीश शुरू कर दी. पुलिस ने शक के आधार पर पड़ोसी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे. पुलिस ने पड़ोसी युवक वा घटना में शामिल अन्य तीन लोगों की निशानदेही पर गंगा नदी के पास से स्टाफ नर्स का शव बरामद कर लिया, लेकिन अब तक मृतक बेटे का शव पुलिस बरामद नहीं कर पाई है. घटना खागा कोतवाली इलाके के कस्बे की है.

पुलिस के मुताबिक मृतका स्टाफ नर्स सुमन रानी सीएचसी खागा में तैनात थी. वह खागा कस्बे में अपने बेटे के साथ रहती थी. बेटी प्रयागराज शहर में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करती है. पड़ोसी शैलेंद्र चौधरी ने मृतका से वर्ष 2017 में हार्वेस्टर खरीदने के लिए छह लाख रुपए उधार लिया था. तीन लाख रुपये वह वापस कर चुका था. इसी बीच पड़ोसी शैलेंद्र का साला अरुण जो कि तांत्रिक का काम करता है और मृतका के भूत-प्रेत के चक्कर में उसका दो सालों से घर आना जाना था. इतना ही नहीं मृतका से सामान और पैसा लेकर उसकी बेटी को प्रयागराज पहुंचाता था. जिसके बाद तांत्रिक ने अपने जीजा के साथ मिलकर स्टाफ नर्स और उसके बेटे प्रखर को रास्ते से हटाकर उसकी लड़की से शादी कर करोड़ों की संपति हड़पने की योजना बनाई. 9 अगस्त की रात करीब 10 बजे सीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स और उसके बेटे प्रखर को पूजा करने के बहाने नौबस्ता फ्लाई ओवर पर बुलाया. फिर दोनों को लाठी-डंडे व चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया. जिसके बाद दोनों शवों को सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के नौबस्ता गंगा घाट में फेंक दिया.

यह भी पढ़ें 👉  काशीपुर में ‘फर्जी बैंक’ के नाम पर महाठगी: भोले-भाले लोगों को लगाई 80 लाख की चपत, पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी; पीड़ितों ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

मां और भाई के अचानक लापता हो जाने के बाद मृतका की बेटी ने पुलिस को तहरीर देते हुए घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्यवाई की मांग की. जिसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश के लिए टीमें गठित कर जांच शुरू कर दी. पुलिस ने तफ्तीश के दौरान शक के आधार पर पड़ोसी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे. पुलिस ने मुख्य अभियुक्त तांत्रिक अरुण उसके बहनोई शैलेंद्र चौधरी वा घटना में शामिल देशराज और सुरेंद्र की निशानदेही पर गंगा नदी के पास से स्टाफ नर्स का शव बरामद कर लिया, लेकिन अब तक मृतक बेटे का शव पुलिस बरामद नहीं कर पाई है.

यह भी पढ़ें 👉  जिसके लिए पति को छोड़ा… उसी ने बीच राह में छोड़ा, अब कहां जाऊं साहब?” पेट्रोल लेकर कोतवाली पहुंची महिला

एसपी उदय शंकर सिंह ने बताया कि 9 अगस्त को थाना खागा क्षेत्र में एक महिला और उसके पुत्र गायब हो गए थे. इसके सम्बंध में परिजनों द्वारा 11 अगस्त को थाना खागा पर गुमशुदगी दर्ज कराई गई. पुलिस के द्वारा जनता की मदद से गंगा जी में उनकी तलाश कराई गई. महिला उम्र लगभग 58 वर्ष स्टाफ नर्स का काम करती थी. उनकी डेडबॉडी 13 अगस्त को बरामद हुई. पुत्र की तलाश अभी जारी है. अभी बरामदगी नहीं हो पाई है. 14 अगस्त को मृतका की पुत्री के द्वारा अभियोग पंजीकृत कराया गया था. थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम के द्वारा गहराई से छानबीन करते हुए इसमें चार अभियुक्तों की संलिप्तता पाई गई. उनके द्वारा हत्या की घटना अंजाम देकर गंगा में शव को फेंकना बताया गया है. जिसमें एक शव को बरामद किया जा चुका है. दूसरे की तलाश अभी चल रही है. घटना के संबंध में घटनास्थल से पुलिस को खून के धब्बे प्राप्त हुए हैं. जिसके आधार पर घटनास्थल का निर्धारण किया जा सका.

यह भी पढ़ें 👉  काशीपुर में ‘फर्जी बैंक’ के नाम पर महाठगी: भोले-भाले लोगों को लगाई 80 लाख की चपत, पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी; पीड़ितों ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

घटना के पीछे जो मोटिव उभरकर आया उसके दो कारण थे. इसमें एक व्यक्ति ने मृतक से 6 लाख रुपए उधार ले रखे थे. 3 लाख 60 हजार रुपए देने बाकी थे. मृतका व उसके पुत्र बार-बार उस पैसे को मांगा करते थे. जिसके कारण उक्त घटना को अंजाम देने में उसने भूमिका अदा की. मुख्य आरोपी तांत्रिक का कार्य करता था जिसका मृतका के घर विगत दो सालों से आना जाना था. उसने मृतका व उसके पुत्र को रास्ते से हटाकर उसकी बची एक पुत्री के साथ शादी करने की अपने मन मे योजना बनाई. मृतका की बची हुई संपत्ति जो डेढ़ करोड़ों रुपए की बताई जा रही है, उसको इस प्रकार से कब्जा करने की उसकी योजना थी. पुलिस के द्वारा इस प्रकार समस्त घटनाक्रम की गहराई से छानबीन करते हुए चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है. घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल व आलाकत्ल बरामद कर लिया गया है.