
धामी के सियासी दांव से बदले समीकरण, निर्दलीय चेयरमैनों की घर वापसी ने बढ़ाई भाजपा की ताकत
राजू अनेजा, काशीपुर/खटीमा। राजनीति में वक्त के साथ रिश्ते और समीकरण दोनों बदलते हैं। निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को हराकर अपनी राजनीतिक ताकत का लोहा मनवाने वाले दो निर्दलीय चेयरमैन अब भाजपा के झंडाबरदार बन गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में गूलरभोज नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश चुघ और गढ़ीनेगी नगर पंचायत अध्यक्ष अभिषेक सुखीजा ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसके साथ ही ऊधमसिंह नगर की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है।
जिनके कारण मिली थी हार, अब वही बनेंगे जीत की रणनीति का हिस्सा
निकाय चुनाव में दोनों नेताओं ने भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों को पराजित कर अध्यक्ष पद हासिल किया था। उस समय उनकी जीत को भाजपा के लिए बड़ा झटका माना गया था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। चुनावी मैदान में भाजपा को चुनौती देने वाले यही चेहरे अब पार्टी की ताकत बढ़ाने और आगामी चुनावों में कमल खिलाने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
धामी ने दिया 2027 का सियासी संदेश
खटीमा स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में हुए सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम को राजनीतिक जानकार सामान्य घटना नहीं मान रहे हैं। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले नेताओं को पार्टी में शामिल कर भाजपा ने साफ संकेत दिया है कि चुनावी तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं।
सभासदों ने भी थामा भाजपा का दामन
चेयरमैनों के साथ गढ़ीनेगी नगर पंचायत के सभासद लवकुश, रजनी देवी, दिलीप सिंह फौजी और अर्पण चावला ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। सभी ने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए भाजपा की नीतियों पर विश्वास जताया।
भाजपा बोली- विकास से बढ़ रहा विश्वास
मुख्यमंत्री धामी ने सभी जनप्रतिनिधियों का भाजपा परिवार में स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार विकास, सुशासन और जनसेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। सरकार की नीतियों और विकास कार्यों से प्रभावित होकर विभिन्न क्षेत्रों के लोग भाजपा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य जनता के विश्वास पर खरा उतरना है।
कांग्रेस के लिए झटका, भाजपा के लिए मजबूती
राजनीतिक हलकों में दोनों चेयरमैनों की भाजपा में एंट्री को कांग्रेस और विपक्ष के लिए झटके के रूप में देखा जा रहा है। जिन नेताओं का अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत जनाधार है, उनके भाजपा में आने से पार्टी को स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद है। यही वजह है कि इस घटनाक्रम को ऊधमसिंह नगर की राजनीति का महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
कई दिग्गज रहे मौजूद
सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, रुद्रपुर मेयर विकास शर्मा, काशीपुर मेयर दीपक बाली समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सियासी मायने
निकाय चुनाव में भाजपा को मात देने वाले नेताओं का भाजपा में शामिल होना सिर्फ सदस्यता ग्रहण नहीं, बल्कि बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जिन कंधों पर कभी भाजपा को हराने की रणनीति थी, अब उन्हीं कंधों पर 2027 में कमल खिलाने की जिम्मेदारी होगी।
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