सावन में होगी आसमानी आतिशबाजी: 12 अगस्त की रात दिखेगी उल्का वृष्टि, बिना दूरबीन देख सकेंगे 50 से 100 उल्का पिंड
नैनीताल। इस बार सावन के महीने में बारिश की फुहारों के साथ-साथ आसमान में अद्भुत खगोलीय नजारा भी देखने को मिलेगा। 12 अगस्त की रात को अंतरिक्ष में ‘पर्सिड मेटीयोर शावर’ (उल्का वृष्टि) होगी। आधी रात के बाद आसमान से प्रति घंटे 50 से 100 जलते हुए उल्का पिंड गिरते हुए नजर आएंगे। एरीज (ARIES) के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडेय ने बताया कि इस बार 12 अगस्त को ‘न्यू मून’ (अमावस्या के आसपास की स्थिति) होने के कारण आसमान चांदनी की रोशनी से मुक्त रहेगा, जिससे इस नजारे को नग्न आंखों से बेहद स्पष्ट देखा जा सकेगा। इसके लिए किसी दूरबीन या विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी।
12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण और 28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण
वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडेय ने आगे बताया कि 12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा और मुख्य रूप से उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल में नजर आएगा। इसी तरह 28 अगस्त की रात लगने वाला आंशिक चंद्र ग्रहण भी भारत में दृश्यमान नहीं होगा, यह अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका में देखा जा सकेगा।
भोर से पहले दिखेगी ‘ग्रहों की परेड’
ग्रहणों के अलावा इस पूरे अगस्त माह में सूर्योदय से कुछ घंटे पहले ‘ग्रहों की परेड’ का अद्भुत दृश्य भी देखने को मिलेगा। भोर के समय आकाश में एक तरफ मंगल, यूरेनस, शनि और नेपच्यून एक साथ चमकते दिखाई देंगे, वहीं पूर्वी क्षितिज पर बुध और बृहस्पति का खूबसूरत नजारा देखने को मिलेगा। हालांकि, मानसून के दौरान बादलों के कारण इन खगोलीय घटनाओं को देखने में थोड़ी बाधा आ सकती है।
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