उत्तराखंड : बाघ की ज़ुबान खींचकर बचाई खुद की जान, 4 महीनों तक चला इस लड़के का इलाज

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17 साल का अंकित स्कूल से घर लौट रहा था. तभी बाघ ने उस पर पीछे से हमला कर दिया. बाघ ने उसका का सिर अपने मुंह में दबा लिया. अपनी जान बचाने के लिए अंकित संघर्ष करता रहा. इसी दौरान बाघ की पकड़ ढीली हुई और अंकित ने उसकी जीभ पकड़ कर खींच ली.

जिससे छटपटाकर बाघ वहां से भाग निकला. हमले में अंकित को गंभीर चोट आई. जिनका 4 महीनों तक इलाज चला. जिसके बाद हाल ही में इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि अब उसके घाव पूरी तरह ठीक हो गए हैं.

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ANI की रिपोर्ट के मुताबिक अंकित उत्तराखंड के रामनगर से ताल्लुक रखने वाला है. जिस पर नवंबर 2023 में बाघ ने हमला किया था. हमले में अंकित ने न सिर्फ अपनी बल्कि अपने दोस्तों की भी जान बचाई.

कैसे हुआ था पूरा वाकया

आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक अंकित दोस्तों के साथ स्कूल से लौट रहा था. तभी सुनसान रास्ते के किनारे पेड़ पर बैठे बाघ ने उस पर हमला कर दिया. और खींचकर पास के जंगल में ले गया. बाघ से संघर्ष के बाद वह अपनी जान तो बचा पाया. लेकिन बाघ ने उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया. हमले में अंकित के चेहरे, खोपड़ी, गर्दन, और दाहिने हाथ में काफी चोट आई. जिसके बाद उसके दोस्त उसे पास के अस्पताल ले गए. जहां उसकी हालत स्थिर होने के बाद उसे AIIMS ऋषिकेश ले जाया गया.

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वहां शुरुआती इलाज के बाद अंकित को गुरुग्राम के मनिपाल अस्पताल लाया गया. जहां डॉ आशीष ढींगरा की देखरेख में प्लास्टिक सर्जरी विभाग में उसे भर्ती किया गया. और करीब 4 महीने से चल रहे इलाज के बाद अंकित ठीक हुआ.

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डॉ आशीष ने ANI को बताया कि ऐसे बाघ के हमले कम ही देखने मिलते हैं. उसका जिंदा रहना मुश्किल था. जब वह आया तो बहुत खराब हालत में था. लेकिन उसका इलाज सफल रहा और वो ठीक हो पाया.

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