आकांक्षा नेगी के बयान पर उत्तरांचल पंजाबी महासभा का फूटा गुस्सा !एक स्वर में बोला पंजाबी समाज—विद्वेषपूर्ण बयानों से समाज को बांटने की कोशिश बर्दाश्त नहीं

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हम पाकिस्तानी नहीं, हिंदुस्तानी थे और हैं,उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने जताया कड़ा रोष

 

राजू अनेजा,काशीपुर। विगत दिनों पूर्व पंजाबी समुदाय को लेकर आकांक्षा नेगी द्वारा दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान पर पूरे प्रदेश में पंजाबी समुदाय में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। वही उत्तरांचल पंजाबी महासभा की काशीपुर इकाई ने भी आकांक्षा नेगी द्वारा दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान पर कड़ा रोष जताया है। महासभा के पदाधिकारियों ने बयान की निंदा करते हुए कहा कि विभाजन की त्रासदी झेलकर देश को चुनने वाले पंजाबी समाज की देशभक्ति पर सवाल उठाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंचाने वाला भी है।

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महासभा अध्यक्ष संजय अरोड़ा ने कहा कि देश के विभाजन से पहले पूरा क्षेत्र एक ही हिंदुस्तान का हिस्सा था। उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तानी नहीं थे, हम हिंदुस्तानी थे और हिंदुस्तानी ही हैं।” विभाजन के दौरान पंजाब को दो हिस्सों में बांट दिया गया। उस दौर में लाखों पंजाबियों ने अपनी जमीन-जायदाद, कारोबार और वर्षों की मेहनत पीछे छोड़कर अपने वतन और भारत को चुना।

उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज ने विभाजन का दर्द सहते हुए नए सिरे से भारत में अपना जीवन खड़ा किया और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ऐसे में समुदाय को लेकर किसी भी तरह की आपत्तिजनक या विद्वेषपूर्ण टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

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संजय अरोड़ा ने कहा कि कुछ संकीर्ण मानसिकता वाले लोग अपने बयानों से समाज में नफरत और विभाजन की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि काशीपुर का सामाजिक वातावरण हमेशा भाईचारे और आपसी सौहार्द का रहा है और किसी को भी इसे खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

महासभा ने संबंधित बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रशासन से मामले का संज्ञान लेने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयानों के खिलाफ लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से आवाज उठाई जाएगी।

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महासभा का संदेश साफ है—देश के लिए सब कुछ छोड़ने वाले पंजाबियों की देशभक्ति पर सवाल नहीं, उनके बलिदान का सम्मान होना चाहिए।

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