आपदा की घड़ी में उत्तराखंड के साथ है केंद्र सरकार – अमित शाह

देहरादून: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने देवभूमि उत्तराखंड का हवाई दौरा कर जौली ग्रांट एयरपोर्ट के अतिथि गृह में अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में केंद्र सरकार पूरी तरह से देवभूमि उत्तराखंड के साथ है। जल्द ही उत्तराखंड में सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएंगे।
गुरुवार को उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिसके बाद पत्रकारों से कहा कि केंद्र सरकार ने 24 घंटे पहले उत्तराखंड में आपदा को लेकर अलर्ट जारी कर दिया था। अधिकांश मोबाइल यूजर को समय पर मैसेज भी भेजे गए थे। जिसका परिणाम यह रहा कि इस भीषण आपदा में कम से कम जान माल का नुकसान हुआ। सरकार ने 24 घंटे पहले ही चार धाम यात्रा को रोक दिया था। जिसके परिणाम स्वरूप चारधाम यात्रा पर किसी भी तरह की आंच नहीं आई और अब यात्रा को शुरू भी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आपदा के तत्काल बाद केंद्र व राज्य सरकार की सभी एजेंसियां सक्रिय हो गई थी। सेना, एनडीआरएफ, आइटीबीपी, एसडीआरएफ, पुलिस तथा दमकल दस्तों को समय रहते आपदा राहत कार्यों में लगा दिया गया। जिससे सरकार साढ़े तीन हजार नागरिकों को रेस्क्यू करने में सफल रही। इतना ही नहीं 16 हजार से अधिक नागरिकों को सरकार ने सुरक्षित भी किया। उन्होंने कहा कि नैनीताल हल्द्वानी तथा अल्मोड़ा की तीन सड़कों को छोड़कर शेष सभी सड़कों पर आवाजाही शुरू कर दी गई है। केंद्र सरकार ने आपदा राहत के लिए ढाई सौ करोड रुपए उत्तराखंड को दे दिए हैं। राज्य सरकार अपने खजाने से भी आपदा राहत मैं खर्च कर रही है। यदि आपदा राहत में और धन की जरूरत होगी तो केंद्र सरकार पूरी मदद करेगी।
इस दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी पूरी क्षमताओं के साथ आपदा प्रबंधन का कार्य संभाला है। उन्होंने कहा कि सरकार हिमालई क्षेत्रों में तकनीकी विस्तार तथा आपदा प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाने जा रही है। केंद्र सरकार इस घड़ी में देवभूमि उत्तराखंड के साथ है। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज समेत कई नेता व अधिकारी मौजूद थे।

