काशीपुर : संदिग्ध परिस्थितियों में महिला अधिवक्ता ने लगाई फांसी, जिंदगी की अदालत में तनाव से हार गई रेवा

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उधमसिंह नगर: 25 साल की रेवा इस तरह से सुसाइड करने पर परिवार वाले यकीन नहीं कर रहे हैं। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है।

रेवा सिंह की मौत ने कई अनसुलझे सवाल छोड़ दिए हैं। करीब डेढ़ पेज के सुसाइड नोट में भी उसने किसी को अपनी मौत के लिए दोषी नहीं ठहराया बल्कि केवल यह लिखा कि वह मानसिक रूप से बहुत परेशान थी। स्थानीय लोगों के अनुसार रेवा के माता-पिता के बीच काफी समय से मनमुटाव चल रहा था और वे अलग-अलग रहते थे। इस पारिवारिक तनाव के कारण ही वह मानसिक रूप से परेशान रहती थी, जिसका जिक्र उसने अपने सुसाइड नोट में भी किया है। हाईकोर्ट की महिला अधिवक्ता घर की दूसरी मंजिल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में पंखे से लटकी मिली।

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टोना-टोटका और पारिवारिक विवाद में उलझी रेवा

मोहल्ले के लोगों का कहना है कि रेवा का परिवार अधिक मेलजोल नहीं रखता था और परिवार के कुछ सदस्य टोना-टोटका में विश्वास करते थे। इसके चलते कयास लगाए जा रहे हैं कि बीते बुधवार को परिवार में किसी बात को लेकर विवाद हुआ होगा, जिसके बाद उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। लोगों को यह भी अजीब लग रहा है कि एक अधिवक्ता होने के नाते जो समाज की ऊंच-नीच को अच्छी तरह समझती थी वह ऐसा कदम कैसे उठा सकती है। वहीं परिजनों ने पुलिस को बताया कि रेवा मानसिक रूप से परेशान थी और उसका इलाज चल रहा था, लेकिन जब पुलिस ने इलाज के दस्तावेज मांगे तो वे उन्हें दिखाने में असमर्थ रहे

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