हरिद्वार में 14 अगस्त को होगा राज्य स्तरीय आयोजन, काशीपुर से बड़ी संख्या में लोगों को ले जाने की जिम्मेदारी
राजू अनेजा, काशीपुर। आगामी 14 अगस्त को हरिद्वार में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला कार्यकारिणी की बैठक में पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में काशीपुर समेत जिलेभर से अधिक से अधिक संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। इस दौरान जिला कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी सुरेंद्र छाबड़ा को जिला उपाध्यक्ष तथा पारस नारंग को जिला सचिव का दायित्व सौंपा गया।

विभाजन की विभीषिका सिर्फ इतिहास नहीं, लाखों परिवारों के सीने में आज भी जिंदा है: त्रिलोक अरोड़ा
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष त्रिलोक अरोड़ा ने कहा कि 14 अगस्त का दिन देश के इतिहास का ऐसा दर्दनाक अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। विभाजन विभीषिका ने लाखों परिवारों को अपने घर, जमीन और कारोबार छोड़ने पर मजबूर कर दिया। अनगिनत लोगों ने अपनों को खोया और हजारों परिवारों ने विस्थापन का दर्द झेलते हुए नए स्थानों पर अपनी जिंदगी दोबारा शुरू की।
“विभाजन की पीड़ा को शब्दों में बयां करना मुश्किल”
त्रिलोक अरोड़ा ने कहा कि विभाजन की विभीषिका केवल इतिहास के पन्नों में दर्ज घटना नहीं है, बल्कि उस त्रासदी का दर्द आज भी उन परिवारों की यादों में जिंदा है, जिन्होंने अपना सब कुछ खोकर हिंदुस्तान में नई जिंदगी की शुरुआत की। पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन विभाजन के दौरान सहा गया दर्द और संघर्ष आज भी परिवारों की स्मृतियों में मौजूद है।
उन्होंने कहा कि स्मृति दिवस मनाने का उद्देश्य किसी के प्रति कटुता पैदा करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को उस दौर की सच्चाई से रूबरू कराना है, ताकि युवा समझ सकें कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द कितना महत्वपूर्ण है।
जिलेभर से लोगों को हरिद्वार ले जाने की जिम्मेदारी
जिला अध्यक्ष ने जिला कार्यकारिणी के साथ-साथ काशीपुर, बाजपुर, जसपुर, गदरपुर समेत सभी नगरों की कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से अधिक से अधिक लोगों को हरिद्वार लेकर पहुंचें। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में पंजाबी समाज के साथ-साथ विभाजन की त्रासदी से जुड़े प्रत्येक परिवार और समाज के अन्य वर्गों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यकारिणी में नए दायित्व, संगठन को मिलेगा विस्तार
बैठक के दौरान उत्तरांचल पंजाबी महासभा की जिला कार्यकारिणी का विस्तार भी किया गया। वरिष्ठ समाजसेवी सुरेंद्र छाबड़ा को जिला उपाध्यक्ष और पारस नारंग को जिला सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। पदाधिकारियों ने दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि उनके अनुभव और सक्रियता से संगठन को और मजबूती मिलेगी।
14 अगस्त को हरिद्वार में दिखेगी एकजुटता
पदाधिकारियों ने कहा कि हरिद्वार में आयोजित होने वाला राज्य स्तरीय कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, जिन्होंने विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण गंवाए और उन परिवारों के संघर्ष को नमन करने का दिन है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी।
बैठक में पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि 14 अगस्त को हरिद्वार में काशीपुर और ऊधम सिंह नगर की मजबूत भागीदारी दर्ज कराकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाया जाएगा।
इस दौरान मनीष सपरा, रमेश ग्रोवर, बॉबी अरोड़ा, राजेंद्र चावला सहित कई लोग भी बैठक में मौजूद रहे।
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