हल्द्वानी में दर्दनाक हादसा: खेलकर घर लौटे 10वीं के छात्र की कूलर से करंट लगने से मौत; बिलखते पिता बोले—”14 साल पहले 14 गते को जन्मा था, आज 14 गते को ही छोड़ गया”

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हल्द्वानी: गर्मी के इस सीजन में जरा सी लापरवाही किस कदर काल बन सकती है, इसका एक बेहद हृदयविदारक उदाहरण हल्द्वानी के फारेस्ट रिसर्च सेंटर परिसर से सामने आया है। यहाँ गुरुवार देर शाम घर में रखे कूलर को ऑन करते समय आए जोरदार करंट की चपेट में आने से वन विभाग के एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के 14 वर्षीय होनहार बेटे की मौके पर ही तड़पकर मौत हो गई। इस आकस्मिक और दिल दहला देने वाले हादसे से हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं और पूरे वन परिसर क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।

खेलकर आया था घर, कूलर छूते ही लगा मौत का झटका

पुलिस और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार:

  • सरकारी आवास में रहता है परिवार: मूल रूप से नैनीताल जिले के हरीश ताल निवासी संतोष आर्या पिछले 14 वर्षों से हल्द्वानी फारेस्ट रिसर्च सेंटर में दैनिक वेतनभोगी (डेली वेजेस) वाचर के पद पर तैनात हैं और अपने परिवार के साथ रिसर्च सेंटर परिसर स्थित सरकारी क्वार्टर में रहते हैं।

  • मासूम के साथ हुआ हादसा: गुरुवार की शाम उनका छोटा बेटा राकेश आर्या (14 वर्ष) बाहर दोस्तों के साथ खेलकर घर वापस लौटा था। भीषण गर्मी और पसीने से बेहाल राकेश ने कमरे में हवा के लिए जैसे ही लोहे के कूलर का स्विच ऑन कर उसे छूने का प्रयास किया, वह उसमें उतर रहे जबरदस्त करंट की चपेट में आ गया। करंट का झटका इतना भयानक था कि मासूम सीधे वहीं पर अचेत हो गया। जब तक बदहवास माता-पिता कुछ समझ पाते और उसे बचाने का प्रयास करते, तब तक मासूम राकेश की सांसें थम चुकी थीं।

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एचएन इंटर कालेज का होनहार छात्र था राकेश, बोर्ड परीक्षा की कर रहा था तैयारी

इस दुखद हादसे ने एक होनहार छात्र के भविष्य को हमेशा के लिए शांत कर दिया। राकेश हल्द्वानी के प्रतिष्ठित एचएन इंटर कालेज में कक्षा 10वीं का छात्र था। नया सत्र शुरू होने के बाद वह इस साल अपनी आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों में पूरे जी-जान से जुटने की योजना बना रहा था। संतोष आर्या के दो बेटे थे, जिनमें बड़ा बेटा इस समय इंटर (12वीं) में पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटा बेटा राकेश अब इस दुनिया में नहीं रहा। होनहार बेटे की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

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किस्मत का क्रूर और दर्दनाक संयोग: 14 साल की उम्र, 14 गते को जन्म और 14 गते को ही मौत

शुक्रवार सुबह हल्द्वानी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे बेबस और लाचार पिता संतोष आर्या के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। वहां मौजूद साथी वन कर्मियों और रिश्तेदारों को ढांढस बंधाते देख, बिलखते हुए पिता ने किस्मत के एक बेहद क्रूर, अजीब और रोंगटे खड़े कर देने वाले संयोग का जिक्र किया।

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उन्होंने रोते हुए कहा, “मेरी किस्मत ने मुझसे बहुत गंदा मजाक किया है। पहाड़ी कैलेंडर (उत्तराखंड के पारंपरिक पंचांग) के अनुसार, ठीक 14 साल पहले ’14 गते’ को ही मेरे इस छोटे बेटे राकेश का जन्म हुआ था। उसने 14 साल की उम्र पूरी की और आज काल के क्रूर चक्र ने उसे ’14 गते’ के दिन ही हमेशा के लिए मुझसे छीन लिया।” पिता के मुंह से किस्मत के इस दर्दनाक संयोग को सुनकर पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद हर एक व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।