25 साल पुराना ‘हिमगिरी प्लांटेशन’ ठगी केस: चमोली पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया

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उत्तराखंड के चमोली जिले की पुलिस ने 25 साल पुराने ‘हिमगिरी प्लांटेशन’ ठगी मामले के एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि आरोपी रविंद्र मोहन वर्ष 2001 से फरार था।

🔍 गिरफ्तारी का विवरण

  • गिरफ्तार आरोपी: रविंद्र मोहन।

  • गिरफ्तारी स्थल: रुद्रप्रयाग जिले का फाटा क्षेत्र।

  • गिरफ्तारी टीम: पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की टीम।

  • दूसरे आरोपी की तलाश: मामले में दूसरे आरोपी राकेश मोहन की तलाश अभी जारी है।

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💸 क्या है ‘हिमगिरी प्लांटेशन’ ठगी केस?

  • शिकायत: वर्ष 2001 में गोपेश्वर थाने में शिव प्रसाद नामक व्यक्ति ने रविंद्र मोहन और उसके भाई राकेश मोहन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

  • कंपनी: दोनों भाइयों ने वर्ष 1993 में ‘हिमगिरी प्लांटेशन’ नाम से एक कंपनी बनाई थी।

  • ठगी का तरीका: कंपनी के जरिए निवेशकों को कम समय में पैसा दोगुना करने समेत आकर्षक मुनाफे का लालच दिया गया।

  • फरारी: वर्ष 2001 में जनता से लाखों रुपये की ठगी करने के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे।

  • दर्ज धाराएँ: भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी)।

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⚖️ न्यायालयीन कार्रवाई

चमोली के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए थे।

  • गिरफ्तारी के बाद: हाल ही में मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर रविंद्र मोहन को उसके मूल क्षेत्र में एक निजी कार्यक्रम से गिरफ्तार किया।

  • अगली कार्रवाई: गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।

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एसपी पंवार ने बताया कि फरार आरोपी राकेश मोहन की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।

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